मेनडोर पर लगे तोरण को कितने दिनों में बदलना चाहिए? ध्यान में रखेंगे ये 3 बातें तो नहीं लगेगा वास्तु दोष
वास्तु शास्त्र में तोरण से जुड़े ऐसे कई नियम हैं जिनके बारे में कम ही लोगों को पता होता है। आइए जानते हैं कि आखिर शास्त्र में तोरण से जुड़े जरूरी नियम कौन-कौन से हैं? साथ ही जानेंगे कि आखिर इसे कितने दिन बाद मेनडोर से हटा देना चाहिए?

वास्तु शास्त्र की दुनिया में वैसे तो घर का हर कोना ही खास होता है लेकिन मेनडोर यानी मुख्य दरवाजे को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। दरअसल यही वो जगह है जहां से घर में पॉजिटिविटी या फिर नेगेटिविटी की एंट्री होती है। ऐसे में इस जगह को लेकर वास्तु शास्त्र में कई तरह के उपाय बताए गए हैं। शास्त्र के हिसाब से मेनडोर को हमेशा सजाकर रखना चाहिए और समय-समय पर इसकी साफ-सफाई भी जरूरी है। उपाय के तौर पर मेनडोर पर काफी चीजें लगाई जाती हैं और इन्हीं में से एक है तोरण यानी बंदनवार का लगाया जाना।
लोग घरों में आम के पत्ते के अलावा अशोक के पत्ते के तोरण लगाते हैं। हालांकि इससे जुड़े नियमों को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर बंदनवार यानी तोरण को कितने दिनों में मेनडोर से हटाना या बदल लेना चाहिए?
कितने दिनों में बदलना चाहिए तोरण?
वैसे तो अमूनन लोग मेनडोर पर आर्टिफिशियल तोरण लगाकर रखते हैं लेकिन वास्तु में असली पत्तों और फूलों से बने तोरण को ही महत्व दिया जाता है। नियम के अनुसार इसे 7 से 10 दिन में बदल लेना चाहिए। वैसे स्थिति को देखकर 12-15 दिन में भी ये काम किया जा सकता है। बस ध्यान रखें कि तोरण में लगे फूल और पत्ते ना सूखे। वहीं त्योहार के समय लगाए जाने वाले तोरण को कभी भी ज्यादा दिन तक नहीं रखना चाहिए। कोशिश यही होनी चाहिए कि वो हमेशा फ्रेश दिखें।
आर्टिफिशियल तोरण से जुड़ा नियम
अगर आप कपड़े, मोती या फिर प्लास्टिक वाले तोरण या बंदनवार को मेनडरो पर लगाते हैं तो इसके लिए भी कुछ नियम हैं। आप उसे समय-समय पर साफ जरूर करें। गंदा या धूल से भरा हुआ तोरण घर के वास्तु को खराब करेगा। ऐसे में महीने में कम से कम उसे हर 4-5 दिन में साफ कर लेना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि मेनडोर के पास आपको गंदगी नहीं रखनी है।
ध्यान में रखें तोरण से जुड़ी ये 3 बातें-
टूटा या फिर खराब तोरण न लगाएं
अगर आपके मेनडोर का तोरण कहीं से टूट गया है या फिर उसके धागे निकलने लगे हैं तो इसे जल्द से जल्द बदल लें। टूटी हुई चीजें घर का वास्तु खराब करती हैं और इससे जिंदगी में रुकावटें पैदा होने लगती हैं और फालतू का तनाव भी बढ़ने लगता है। ऐसे में कोशिश यही होनी चाहिए कि हमेशा सही और सुंदर तोरण ही मेनडोर पर लगाया जाए।
तोरण में कितने पत्ते जरूरी?
वास्तु शास्त्र के नियम के हिसाब से तोरण में पत्तियों की संख्या सही होनी चाहिए। नियम के अनुसार पत्ते हमेशा विषम संख्या में ही लगे होने चाहिए। नियम के हिसाब से किसी भी तोरण में 5, 7, 11, या 21 पत्तों का होना शुभ माना जाता है। इससे घर में वास्तु दोष नहीं लगता है।
तोरण की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के हिसाब से तोरण को हमेशा दरवाजे के ठीक ऊपर ही लगाना चाहिए। दरवाजे पर लगा हुआ टेढ़ा तोरण सही नहीं माना जाता है। ना ही इसे लटकाते हुए लगाने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि तोरण हमेशा अच्छी तरह से बंधा हो। अगर आप तोरण से जुड़े इन नियमों का पालन कर लेंगे तो घर में वास्तु दोष नहीं लगेगा।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




साइन इन