Vastu Tips: इन खास मौकों पर ही घर में लगाएं पौधे, मिलता है खूब लाभ, आप भी नोट कर लें सही तरीका
वास्तुशास्त्र में पेड़-पौधों को लगाने का शुभ दिन भी बताया गया है। अगर नियम के अनुसार घर में पेड़-पौधे लगा दिए जाए तो ये काफी शुभ माना जाता है।

Vastu Tips for Home Plants: क्या आप जानते हैं कि हमारे पौधे लगाने के दिन का भी वास्तुशास्त्र से गहरा संबंध है। आम तौर पर लोग मन मुताबिक कभी भी घर में पौधे लगा देते हैं। या फिर कुछ लोग सीजन देखकर पौधे लगाते हैं। वहीं कुछ लोग हर 2-3 महीने में किसी पुराने को रिप्लेस करके नए पौधे लगा लेते हैं या फिर नया एडिशन जोड़ते जाते है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर वास्तु के नियम से पौधे लगाए जाए तो इसका फल दोगुना हो जाता है। इससे ना सिर्फ पौधे लंबे समय तक रहते हैं बल्कि घर की एनर्जी भी काफी हद तक ठीक होती है। साथ ही घर में कोई भी नेगेटिविटी नहीं आती है। तो चलिए जानते हैं कि पौधे से जुड़े वास्तु के क्या-क्या नियम हैं?
पौधा लगाने के लिए शुभ दिन
वास्तुशास्त्र के अनुसार वृक्षारोपण का भी सही समय होता है। घर में पौधों को हमेशा शुभ नक्षत्र या फिर तिथियों पर ही लगाना ही सही होता है। शास्त्र के हिसाब से शुक्ल पक्ष की अष्टमी से कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक का समय वृक्षारोपण के लिए सही होता है। पौधों के पहले मिट्टी के गमले में और फिर जमीन पर लगाना चाहिए। ऐसा करने से उनका विकास भी अच्छा होता है और ये घर के वास्तु के लिए भी सही होता है।
समय-समय पर जरूर करें ये काम
वहीं समय-समय पर इन पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई भी जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसका नेगेटिव असर घर के सभी सदस्यों पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में मन उलझा हुआ महसूस करेगा। साथ ही जिन घरों में ऐसा समय-समय पर नहीं किया जाता है, तो वहां पर हर काम में बाधा ही आती रहती है।
पेड़-पौधों से जुड़े बाकी वास्तु शास्त्र
अगर घर के आसपास कांटेदार दूध वाले हानिकारण पेड़ लगे हो और इन्हें हटाना संभव नहीं होता है तो इनके आसपास कोई शुभ पेड़ लगा सकते हैं। इससे इनकी नेगेटिव एनर्जी कम होगी। शास्त्र के हिसाब से इन पौधों के पास अशोक, नागकेसर या फिर शमी का पौधा लगाया जा सकता है। वहीं अगर घर पर किसी बड़े पेड़ की सघन छाया पड़ती है तो ये शुभ नहीं होता है। शास्त्र के नियम के अनुसार ऐसे घर बिखर जाते हैं और इनमें रहने वाला शख्स कभी शांति से नहीं रह पाता है।
क्रेडिट: बृहद सरल वास्तुशास्त्र, प्रमोद कुमार शास्त्री ()
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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