वास्तु शास्त्र: घर में कितनी होनी चाहिए सीढ़ियों की संख्या? पढ़ लें सही दिशा से जुड़ा ये नियम
Stairs Vastu Niyam: घर की सीढ़ियों की सही संख्या और दिशा माहौल और वातावरण को अच्छा बनाती हैं। वहीं गलत चीजों से घर का वास्तु गड़बड़ होता है।

Vastu Tips related to Stairs: वास्तु शास्त्र की वजह से जिंदगी में आने वाली मुश्किलें कम होती हैं। शास्त्र के कुछ नियमों का पालन अगर किया जाए तो घर का वातावरण भी शुद्ध होता है और किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा की गुजाइंश नहीं होती है। जब भी घर बनता है तो हर किसी का ध्यान इसी ओर होता है कि घर की दीवारें किस रंग की होगी या फिर फर्नीचर कैसा रखा जाए। हालांकि सीढ़ियां भी घर का अहम हिस्सा होती है। कई लोग सीढ़ियों से जुड़े वास्तु नियम नहीं जानते हैं लेकिन अगर सही तरीके से सीढ़ियों की संख्या और दिशा को तय किया जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।
अगर यही चीज सही ना हो को घर का वास्तु भी सही नहीं होता है और हम काम में बाधा भी आने लगती है। ऐसे में सीढ़ियों से जुड़े वास्तु नियमों का पता होना जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि
कितनी हो सीढ़ियों की संख्या
वास्तु के अनुसार घर में सीढ़ियों की संख्या हमेशा विषम होनी चाहिए। शास्त्र के हिसाब से विषम सीढ़ियां घर के वास्तु के लिए सही होती हैं और इसे काफी अच्छा माना जाता है। घर में विषम संख्या की सीढ़ियां बरकत लाती और माहौल भी पॉजिटिव रहता है। नियम अनुसार घर की सीढ़ियों की संख्या 9, 11, 15, 17 या फिर 21 होनी चाहिए। इसे आगे बढ़ाते हुए भी संख्या विषम में ही रखें।
सीढ़ियों की संख्या विषम ही क्यों?
ऐसी मान्यता है कि सीढ़ियों पर चढ़ते हुए आखिरी वाले स्टेप पर जब हम अपना दायां पैर रखते हैं तो इसे काफी अच्छा माना जाचा है। जब सीढ़ियों की संख्या विषम होती है तो ऐसी स्थिति में ही ये संभव होता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और माहौल अनुकूल होता है।
सम संख्या की सीढ़ियों के नुकसान
अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि आखिर सम संख्या की सीढ़ियां क्यों नहीं हो सकती है। आम तौर पर लोग सीढ़ियों की संख्या पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में जाने-अनजाने में लोगों की सीढ़ियां सम भी होती हैं लेकिन वास्तु अनुसार ये सही नहीं है। वास्तु शास्त्र के हिसाब से सम सीढ़ियां हमारी ग्रोथ में बाधा लाती हैं। इससे काम में रुकावट आते हैं और मेंटल स्ट्रेस भी बढ़ने लगता है।
सीढ़ियों के लिए सही दिशा
अब जान लेते हैं कि आखिर सीढ़ियों के लिए सही दिशा कौन सी है? नियम के हिसाब से अगर सीढ़ियों को दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनवाया जाए तो ये काफी अच्छा माना जाता है। वहीं उत्तर-पूर्व की ओर सीढ़ियों को बनवाने से बचना चाहिए। दरअसल वास्तु की नजर में ये ईशान कोण होता है जोकि भगवान की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में कोई भी भारी सामान ना तो रखना चाहिए और ना ही कुछ बनवाना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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