vaishakh amavasya 2026 sarvarth siddhi yoga remedies to remove pitra dosh Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, पितृ दोष से मुक्ति के लिए जरूर करें ये 7 काम, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, पितृ दोष से मुक्ति के लिए जरूर करें ये 7 काम

17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्या है। पितृ शांति के लिए यह दिन बेहद खास होता है। अगर आप भी पितृ दोष से पीड़ित हैं, तो वैशाख अमावस्या 2026 पर कुछ खास उपायों को करके राहत पा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

Fri, 10 April 2026 07:15 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, पितृ दोष से मुक्ति के लिए जरूर करें ये 7 काम

वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। इस बार वैशाख अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है, जो पूरे दिन रहेगा। साथ ही सुबह 6:29 से दोपहर 12:02 तक अमृत सिद्धि योग भी रहेगा। इन दोनों योगों में किए गए उपाय और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। पितर प्रसन्न होकर परिवार पर कृपा बरसाते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व

सर्वार्थ सिद्धि योग में सभी कार्य सिद्ध होते हैं। इस योग में अमावस्या की पूजा, तर्पण और दान करने से पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल अक्षय रहता है। इसलिए 17 अप्रैल 2026 को पितृ दोष निवारण के उपाय विशेष रूप से प्रभावी सिद्ध होंगे।

पितरों की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान

वैशाख अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। काले तिल मिलाकर जल से तर्पण दें। पितरों का नाम लेकर तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष दूर होता है। यदि संभव हो, तो पिंडदान का काम ब्राह्मण द्वारा करवाएं। इससे पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है और परिवार पर आने वाले संकट टल जाते हैं।

पीपल के नीचे दीपक जलाना

पीपल के पेड़ को पितरों का वास स्थान माना जाता है। अमावस्या की शाम को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 7 बार परिक्रमा करें। इस दौरान पितरों का स्मरण करें और उनसे कृपा की प्रार्थना करें। यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में अत्यंत प्रभावी है।

कनकधारा स्तोत्र और पितृ चालीसा का पाठ

अमावस्या की शाम को भगवान शिव की पूजा करें। शिवलिंग पर काला तिल और कच्चा दूध अर्पित करें। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। इसके साथ ही पितृ चालीसा और पितृ स्तोत्र का पाठ करें। इससे पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

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दान और सेवा का विशेष महत्व

वैशाख अमावस्या पर दान का विशेष फल मिलता है। गाय, कुत्ता और कौए को भोजन कराएं। मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। जरूरतमंदों को सत्तू, घड़ा, मौसमी फल या काले तिल का दान करें। इन दानों से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।

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अन्य महत्वपूर्ण उपाय

घर में गंगाजल छिड़ककर वातावरण शुद्ध करें। परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर पितरों की याद में दीपक जलाएं। अमावस्या के दिन सात्विक भोजन करें और क्रोध, झूठ से दूर रहें।

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2026 में वैशाख अमावस्या राज पंचक के दौरान पड़ रही है, जो और भी शुभ है। इस दुर्लभ संयोग में किए गए उपायों से पितरों की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। इसलिए 17 अप्रैल 2026 को इन 7 उपायों को जरूर अपनाएं। इससे पितृ दोष दूर होगा, पूर्वजों का आशीर्वाद मिलेगा और जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा शांति बनी रहेगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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