शिवलिंग में यहां होता है भगवान शिव की बेटी अशोक सुंदरी का वास, विधि-विधान से इनकी पूजा करने से होता है धन लाभ
Ashok Sundari Puja: शिवलिंग में भगवान शिव की पुत्री अशोक सुंदरी का वास होता है। जानिए शिवलिंग के किस हिस्से में अशोक सुंदरी विराजमान हैं और विधि-विधान से इनकी पूजा करने से कैसे मिलता है धन लाभ, मनोकामना पूर्ति और सुख-समृद्धि।

शिवलिंग केवल भगवान शिव का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसमें शिव परिवार के कई सदस्यों का वास माना जाता है। हिंदू शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, शिवलिंग के विभिन्न हिस्सों पर भगवान शिव के साथ माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय और उनकी पुत्री अशोक सुंदरी का भी निवास होता है। अशोक सुंदरी को शिव-पार्वती की पुत्री माना जाता है। इनकी पूजा से धन लाभ, मनोकामना पूर्ति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है।
अशोक सुंदरी कौन हैं?
अशोक सुंदरी भगवान शिव और माता पार्वती की पुत्री हैं। पुराणों में इन्हें अशोक वन की रक्षक और सौंदर्य की देवी के रूप में वर्णित किया गया है। नाम में 'अशोक' शब्द का अर्थ है शोक रहित। इनकी पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से शोक, चिंता और आर्थिक कष्ट दूर होते हैं। अशोक सुंदरी को विशेष रूप से धन और समृद्धि का आशीर्वाद देने वाली मानी जाती हैं।
शिवलिंग में अशोक सुंदरी का स्थान
शिवलिंग पर जल अर्पित करने वाली नलिका (जिससे जल बाहर निकलता है) को गोमुख कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इसी गोमुख स्थान पर भगवान शिव की पुत्री अशोक सुंदरी का वास होता है। जब हम शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, तो वह जल सबसे पहले अशोक सुंदरी को अर्पित होता है। इसलिए शिव पूजा के साथ-साथ अशोक सुंदरी की पूजा भी अनिवार्य मानी जाती है।
अशोक सुंदरी की पूजा का विशेष महत्व
अशोक सुंदरी की पूजा करने से धन लाभ, व्यापार में वृद्धि और मनोकामना पूर्ति होती है। विशेष रूप से सोमवार को इनकी पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। जो भक्त नियमित रूप से शिवलिंग के साथ अशोक सुंदरी की पूजा करते हैं, उन्हें आर्थिक स्थिरता, पारिवारिक सुख और शोक से मुक्ति मिलती है।
अशोक सुंदरी की पूजा विधि
अशोक सुंदरी की पूजा शिव पूजा के साथ ही की जाती है। सबसे पहले शुद्ध जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं। इसके बाद गोमुख (नलिका) वाले स्थान पर अशोक सुंदरी को जल अर्पित करें। शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाने के बाद अशोक सुंदरी के स्थान पर भी चंदन का तिलक लगाएं। शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल और माला चढ़ाएं, साथ ही अशोक सुंदरी पर भी फूल और बेलपत्र अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और अशोक सुंदरी का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना कहें। अंत में 'ॐ अशोक सुंदरी देव्यै नमः' मंत्र का जाप करें।
धन लाभ और अन्य फायदे
अशोक सुंदरी की विधि-विधान से पूजा करने से धन के नए स्रोत खुलते हैं, व्यापार में वृद्धि होती है और आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं। यह पूजा पारिवारिक कलह को भी शांत करती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बनाती है। जो लोग लंबे समय से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, उन्हें अशोक सुंदरी की पूजा विशेष लाभ देती है।
शिवलिंग में अशोक सुंदरी का वास शिव परिवार की पूर्णता को दर्शाता है। नियमित श्रद्धा से की गई यह पूजा जीवन में धन, समृद्धि और शांति लेकर आती है।




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