अक्षय तृतीया पर करने वाले हैं गृह प्रवेश, तो इन 7 बातों का रखें विशेष ध्यान, मां लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद
19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है, यानी बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी गृह प्रवेश किया जा सकता है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। आइए जानते हैं गृह प्रवेश से जुड़े नियम।

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक बेहद शुभ और पावन पर्व है, जो वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार को पड़ रही है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है, यानी बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी गृह प्रवेश किया जा सकता है। अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश करने से मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और घर में सुख-समृद्धि, शांति के साथ बरकत बनी रहती है।
अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश क्यों है शुभ?
अक्षय तृतीया को 'अक्षय' कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'जो कभी क्षय ना हो'। इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान और गृह प्रवेश का फल अक्षय (अनंत) रहता है। गृह प्रवेश के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ है क्योंकि इस तिथि पर सभी ग्रह अनुकूल रहते हैं और अबूझ मुहूर्त उपलब्ध होता है।
मुख्य द्वार को शुभ रूप से सजाएं
गृह प्रवेश के दिन मुख्य द्वार को तोरण, फूलों की मालाओं और रंगोली से खूबसूरती से सजाएं। मुख्य द्वार घर की ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है। इसे सुंदर और शुभ बनाने से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
लक्ष्मी-गणेश की चांदी की मूर्ति स्थापित करें
गृह प्रवेश पूजा के समय यथाशक्ति चांदी की छोटी लक्ष्मी-गणेश मूर्ति स्थापित करें। चांदी शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक है। लक्ष्मी जी धन-वैभव की देवी हैं, जबकि गणेश जी विघ्नहर्ता हैं। दोनों की एक साथ स्थापना से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं। मूर्ति को लाल कपड़े पर विराजमान करें और रोजाना दीपक जलाकर पूजन करें।
कनकधारा स्तोत्र और श्रीसूक्त का पाठ करें
गृह प्रवेश पूजा में कनकधारा स्तोत्र और श्रीसूक्त का पाठ जरूर शामिल करें। कनकधारा स्तोत्र मां लक्ष्मी को समर्पित है, जिससे घर में लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है और धन की निरंतर वृद्धि होती है। श्रीसूक्त पाठ से सुख-समृद्धि, वैभव और सौभाग्य स्थापित होता है। इन स्तोत्रों का पाठ पुरोहित या घर का कोई सदस्य श्रद्धापूर्वक करें।
वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन और क्षेत्रपाल पूजन
सामान्य पूजा के अलावा वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन, योगिनी पूजन और क्षेत्रपाल पूजन जरूर करवाएं। वास्तु पूजन से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं। नवग्रह पूजन से ग्रहों की अनुकूलता मिलती है। क्षेत्रपाल पूजन से घर की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। ये पूजन घर की सभी दिशाओं को शुद्ध और सुरक्षित बनाते हैं।
पूजा के दौरान सभी दिशाओं में दीपक दिखाएं
गृह प्रवेश पूजा के समय घर के हर कमरे, रसोई और मुख्य पूजा स्थल में घी या कपूर का दीपक दिखाएं। ऐसा करना घर के हर कोने में दिव्य प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। रसोई में दीपक दिखाना अन्न-धान्य की बरकत के लिए विशेष रूप से शुभ है।
पति-पत्नी दाहिने पैर से प्रवेश करें
गृह प्रवेश के दौरान जब पति-पत्नी घर में प्रवेश करें, तो दाहिने पैर से पहला कदम रखें। यह शुभ शुरुआत का प्रतीक है।
रसोई में चूल्हा जलाएं
गृह प्रवेश के बाद सबसे पहले रसोई में चूल्हा जलाकर दूध उबालें या खीर-हलवा जैसे मीठे व्यंजन बनाएं। इससे घर में बरकत और खुशहाली आती है।
अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश करते समय इन 7 महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें। इससे मां लक्ष्मी का स्थायी आशीर्वाद प्राप्त होगा और आपके नए घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।




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