when to start ekadashi vrat Nirjala Ekadashi 2026 se kya ekadashi vrat shuru kiya ja sakta hai Nirjala Ekadashi 2026: क्या निर्जला एकादशी से कर सकते हैं एकादशी व्रत की शुरुआत? जानें पंडित जी से
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Nirjala Ekadashi 2026: क्या निर्जला एकादशी से कर सकते हैं एकादशी व्रत की शुरुआत? जानें पंडित जी से

Nirjala Ekadashi Vrat 2026: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी व्रत का खास महत्व है। इस बार अधिकमास के बाद निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा। जानें क्या निर्जला एकादशी से कर सकते हैं एकादशी व्रत की शुरुआत और कब रखा जाएगा यह व्रत।

Fri, 22 May 2026 04:34 PMSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Nirjala Ekadashi 2026: क्या निर्जला एकादशी से कर सकते हैं एकादशी व्रत की शुरुआत? जानें पंडित जी से

When to Start Ekadashi Vrat 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी व्रत हर महीने के कृष्ण व शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। ज्योतिष में हर एकादशी व्रत का महत्व अलग है, लेकिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस तिथि को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाता है। निर्जला एकादशी व्रत कठिन व्रतों में से एक माना गया है क्योंकि भीषण गर्मी में भक्त बिना अन्न-जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी व्रत करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और श्रीहरि की कृपा से जीवन में सुख-शांति व खुशहाली आती है।

अगर आप भी एकादशी व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं, तो जानें पंडित जी से क्या निर्जला एकादशी व्रत से शुरू किया जा सकता है।

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निर्जला एकादशी 2026 कब है: हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर प्रारंभ होगी और 25 जून 2026 को रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण निर्जला एकादशी व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को किया जाएगा।

निर्जला एकादशी व्रत का पारण कब करें: निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 जून 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। एकादशी व्रत पारण का शुभ समय सुबह 05 बजकर 25 मिनट से सुबह 08 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 10 बजकर 22 मिनट है।

क्या निर्जला एकादशी से कर सकते हैं एकादशी व्रत की शुरुआत: ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार,एकादशी व्रत की शुरुआत के लिए निर्जला एकादशी का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इस बार यह व्रत मलमास या अधिकमास के बाद बड़ रहा है, जिसके कारण इसका महत्व और बढ़ रहा है। इसके अलावा एकादशी व्रत की शुरुआत उत्पन्ना एकादशी से भी कर सकते हैं। यह व्रत मार्गशीर्ष (अगहन) माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को आता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन एकादशी तिथि उत्पन्न हुई थी। हालांकि अगर आप निर्जला या उत्पन्ना एकादशी के दिन व्रत की शुरुआत नहीं कर पाते हैं, तो आप किसी भी मास के शुक्ल या कृष्ण पक्ष की एकादशी से इस व्रत को प्रारंभ कर सकते हैं।

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निर्जला एकादशी व्रत का फल: मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशी व्रत के समान फल मिलता है। इस व्रत के प्रभाव से पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में मोक्ष को प्राप्त होता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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