Solar Eclipse: इस साल के साथ ही अगले साल का सूर्य ग्रहण है बेहद खास, जानें कब लग रहें और लोगों को क्यों है इंतजार
साल 2026 में दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा, जबकि 2027 में आने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया भर में 'सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण' कहलाने जा रहा है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

सूर्य ग्रहण खगोलीय घटनाओं में सबसे आकर्षक और रहस्यमयी माना जाता है। ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। साल 2026 में दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा, जबकि 2027 में आने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया भर में 'सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण' कहलाने जा रहा है। इन दोनों ग्रहणों को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्सुकता है। आइए जानते हैं इन दोनों ग्रहण के डेट और इनका अपने देश भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में।
2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा?
वैदिक पंचांग और खगोल वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार, साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 को सुबह 4:25 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं होगा और सामान्य धार्मिक कार्य किए जा सकेंगे।
कहां दिखेगा 2026 का सूर्य ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर और उत्तरी स्पेन में दिखाई देगा। यूरोप के कई देशों जैसे फ्रांस, ब्रिटेन और इटली में भी आंशिक रूप से इसका अवलोकन किया जा सकेगा। भारत में यह ग्रहण अदृश्य रहेगा।
2027 का पूर्ण सूर्य ग्रहण - सदी का सबसे लंबा ग्रहण
अगले साल 2 अगस्त 2027 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसे वैज्ञानिक 'सदी का सबसे लंबा और खास सूर्य ग्रहण' बता रहे हैं। इस ग्रहण की पूर्ण अवस्था लगभग 6 मिनट 23 सेकंड तक रहेगी, जो पिछले कई दशकों में सबसे लंबी अवधि होगी। आमतौर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण 2-3 मिनट तक ही रहता है, लेकिन 2027 में चंद्रमा सूर्य को असाधारण रूप से लंबे समय तक ढक लेगा।
6 मिनट तक छा जाएगा अंधेरा
पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है। 2027 के ग्रहण में चंद्रमा पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब होगा और पृथ्वी सूर्य से थोड़ी दूर होगी। इससे ग्रहण की छाया भूमध्य रेखा के पास लंबा रास्ता तय करेगी। नतीजतन, कुछ क्षेत्रों में दिन के उजाले के बीच अचानक अंधेरा छा जाएगा और आसमान में 360 डिग्री सूर्यास्त जैसा दृश्य दिखाई देगा।
भारत में 2027 का सूर्य ग्रहण
भारत में यह ग्रहण पूर्ण रूप से नहीं, बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। दिल्ली समेत कई हिस्सों में सूर्य का एक भाग चंद्रमा से ढका नजर आएगा। अधिकतम ग्रहण शाम के समय होगा। हालांकि पूर्ण अंधेरा नहीं छाएगा, फिर भी यह घटना अपने आप में बेहद रोमांचक रहेगी।
सदी का ग्रहण क्यों कहा जा रहा है?
वैज्ञानिकों के अनुसार, 2027 का यह ग्रहण 21वीं सदी के सबसे लंबे सूर्य ग्रहणों में शामिल है। इतनी लंबी पूर्णता वाला ग्रहण दोबारा देखने के लिए लोगों को कई दशकों तक इंतजार करना पड़ सकता है। ग्रहण के दौरान तापमान में हल्की गिरावट, पक्षियों का अचानक शांत हो जाना और अनोखा आकाशीय दृश्य लोगों को आकर्षित करेगा।
ग्रहण के दौरान क्या सावधानियां रखें?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के समय सूतक काल का पालन करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। ग्रहण देखते समय सीधे सूर्य की ओर ना देखें, सुरक्षित फिल्टर का उपयोग करें। धार्मिक दृष्टि से इस दौरान दान-पुण्य, मंत्र जाप और शांति पूजा करना शुभ माना जाता है।
2026 और 2027 के ये सूर्य ग्रहण ना सिर्फ खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनके दौरान किए गए शुभ कार्यों का फल भी विशेष माना जाता है।




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