akshaya tritiya 2026 baby born on akshaya tritiya nature traits and qualities Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर जन्मा बच्चा कैसा होता है? जानें खूबियां, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर जन्मा बच्चा कैसा होता है? जानें खूबियां

इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को पड़ रही है। इस दिन को अक्षय तृतीया या आखा तीज के नाम से जाना जाता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि अक्षय तृतीया पर जन्मा बच्चा कैसा होता है?

Fri, 10 April 2026 02:26 PMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर जन्मा बच्चा कैसा होता है? जानें खूबियां

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया तिथि का खास महत्व होता है। यह हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को पड़ता है। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को पड़ रही है। इस दिन को अक्षय तृतीया या आखा तीज के नाम से जाना जाता है। ‘अक्षय’ का अर्थ होता है- जिसका कभी क्षय न हो। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। हिंदू पंचांग के अनुसार, पूरे वर्ष में चार ऐसे अबूझ मुहूर्त माने गए हैं- बसंत पंचमी, भड़ली नवमी, देवउठनी एकादशी और अक्षय तृतीया। इन विशेष तिथियों पर बिना किसी शुभ मुहूर्त के विचार किए विवाह, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं अक्षय तृतीया की तिथि भगवान विष्णु के तीन अवतारों से संबंधित है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर यानि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम, नर नारायण अवतार, हयग्रीव अवतार हुए थे। ऐसे में आज हम जानेंगे कि अक्षय तृतीया पर जन्मा बच्चा कैसा होता है? चलिए इस बारे में जानते हैं।

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बेटी होती है लक्ष्मी का रूप

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है और इस दिन का संबंध मां लक्ष्मी से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि यदि इस शुभ तिथि पर घर में बेटी का जन्म हो, तो उसे स्वयं मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है।

संतान के गुण

अक्षय तृतीया को भगवान परशुराम की जन्म तिथि माना जाता है। परशुराम जी को साहस, शक्ति और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में मान्यता है कि इस दिन जन्म लेने वाली संतान में भी ऐसे गुण विकसित हो सकते हैं। इसके साथ ही, ‘अक्षय’ तिथि का अर्थ है, जो कभी नष्ट न हो। इसी वजह से इस दिन जन्मे बच्चों को दीर्घायु और शुभ जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता भी प्रचलित है।

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कैसी होती है आर्थिक स्थिति

मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाले बच्चों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है। उनमें व्यापारिक समझ और नेतृत्व क्षमता होती है, जिसके कारण वे बिजनेस या स्वतंत्र कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता हासिल कर सकते हैं। ऐसे लोग सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी तरक्की के अवसर पैदा करते हैं। साथ ही, ये पारिवारिक जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाने के साथ समाज सेवा में भी रुचि रखते हैं।

पढ़ाई में होते हैं तेज

अक्षय तृतीया का संबंध मां सरस्वती से भी जोड़ा जाता है। इसलिए इस दिन जन्मे बच्चों में बुद्धिमत्ता, सीखने की ललक और रचनात्मकता देखने को मिलती है। वे पढ़ाई, संगीत, लेखन, कला या अन्य क्रिएटिव क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। सही मार्गदर्शन मिलने पर ये अपनी प्रतिभा से खास पहचान बना सकते हैं।

नक्षत्र का शुभ संयोग

मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन अक्सर रोहिणी नक्षत्र का संयोग बनता है। रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग स्वभाव से दयालु, संवेदनशील, रचनात्मक और सौंदर्यप्रिय माने जाते हैं। उन्हें जीवन में भौतिक सुख-सुविधाएं पसंद होती हैं और वे सफलता की ओर तेजी से आगे बढ़ते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वेदों की उत्पत्ति भी रोहिणी नक्षत्र में मानी जाती है। साथ ही, भगवान कृष्ण का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ बताया जाता है, जिससे इस नक्षत्र का महत्व और बढ़ जाता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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