raj panchak start from 13 april and end on 17 april 5 mistakes that should avoid in this period Raj Panchak April 2026: 13 अप्रैल से शुरू हो रहे पंचक में भूलकर भी ना करें ये 5 गलतियां, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Raj Panchak April 2026: 13 अप्रैल से शुरू हो रहे पंचक में भूलकर भी ना करें ये 5 गलतियां

चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में गोचर करने से 13 से 17 अप्रैल तक पंचक रहेगा। 13 अप्रैल को सोमवार होने के कारण यह राज पंचक होगा। आइए जानते हैं इस दौरान क्या करें क्या नहीं।

Fri, 10 April 2026 02:57 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Raj Panchak April 2026: 13 अप्रैल से शुरू हो रहे पंचक में भूलकर भी ना करें ये 5 गलतियां

हिंदू पंचांग में पंचक काल का विशेष महत्व है। जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है, तब पंचक शुरू होता है। आमतौर पर लोग पंचक को अशुभ मानते हैं, लेकिन सभी पंचक एक जैसे नहीं होते। अप्रैल 2026 में पड़ने वाला पंचक राज पंचक है, जो ज्योतिष शास्त्र में बहुत शुभ माना जाता है। राज पंचक सोमवार से शुरू होने वाला पंचक होता है और इसमें सुख, समृद्धि तथा यश की संभावना बढ़ जाती है। यह पंचक 13 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 17 अप्रैल 2026 तक रहेगा। इस दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि शुभ समय का पूरा लाभ मिल सके।

राज पंचक क्या है और क्यों शुभ माना जाता है?

शास्त्रों में पांच प्रकार के पंचक बताए गए हैं - रोग पंचक, अग्नि पंचक, मृत्यु पंचक, चोर पंचक और राज पंचक। इनमें केवल राज पंचक को शुभ माना जाता है, क्योंकि यह सोमवार से शुरू होता है। राज शब्द सुख, सम्मान और समृद्धि का प्रतीक है। इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। राज पंचक के दौरान भक्ति, दान और नया कार्य शुरू करना फलदायी होता है।

राज पंचक 2026: तिथि और समय

पंचांग गणना के अनुसार, राज पंचक 13 अप्रैल 2026, सोमवार को शुरू होगा और 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को खत्म होगा। इस दौरान चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहेगा। क्योंकि यह सोमवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे राज पंचक कहा जा रहा है। राज पंचक शुभ होते हुए भी कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

पंचक में लकड़ी या ईंधन का संग्रह ना करें

पंचक काल में लकड़ी, ईंधन या किसी भी ज्वलनशील चीजों को आगे के इस्तेमाल के लिए जमा करना अशुभ माना जाता है। इससे अग्नि भय या अप्रत्याशित आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। राज पंचक में भी इस नियम का पालन करें।

दक्षिण दिशा की यात्रा से बचें

पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित माना गया है। ज्योतिष के अनुसार, दक्षिण दिशा यम की दिशा है, इसलिए इस समय यात्रा में बाधाएं, देरी या दुर्घटना का खतरा रहता है। यदि यात्रा करना बहुत जरूरी है, तो पहले हनुमान जी की पूजा करें और रुद्राक्ष धारण करें। राज पंचक होने के बावजूद दक्षिण दिशा में यात्रा से बचना ही उचित है।

घर की छत डालना या निर्माण कार्य टालें

पंचक में घर की छत डालना या कोई नया निर्माण कार्य शुरू करना अशुभ फल देता है। इससे धन हानि, परिवार में क्लेश या निर्माण में बाधाएं आ सकती हैं। राज पंचक में भी निर्माण संबंधी बड़े काम टाल दें। छोटे-मोटे सुधार कार्य कर सकते हैं, लेकिन नया निर्माण शुरू ना करें।

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पलंग या चारपाई निर्माण

पंचक काल में पलंग, चारपाई या किसी भी प्रकार की शय्या का निर्माण नहीं करना चाहिए। इससे परिवार के सदस्यों पर संकट आने की आशंका रहती है।

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अंतिम संस्कार से बचें

अंतिम संस्कार पंचक में वर्जित है। यदि अनिवार्य हो, तो कुश के पांच पुतले बनाकर विधि-विधान से दाह संस्कार करें। राज पंचक होने पर भी इन नियमों का पालन करना चाहिए।

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राज पंचक 2026 एक दुर्लभ और शुभ संयोग है। इसे सही तरीके से उपयोग करके आप अपने जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता को आमंत्रित कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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