2027 में मेष राशि में आ रहे शनि, जानें कब होगा गोचर और क्या पड़ेगा इस राशि पर प्रभाव?
Shani ka mesh gochar 2027: शनि साल 2026 में कोई राशि परिवर्तन नहीं करेंगे, लेकिन अगले साल यानी 2027 में शनि अपनी राशि बदलेंगे। जानें शनि कब और किस राशि में जाएंगे और गोचर वाली राशि पर क्या प्रभाव डालेंगे।

Shani Gochar Mesh Rashi Mein: ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों में शनि को विशेष स्थान प्राप्त है। शनि को न्याय देवता कहा जाता है। कहते हैं कि शनि की शुभ दृष्टि व्यक्ति को जमीन से उठाकर आसमान तक पहुंचा सकती है, जबकि तिरछी नजर चुनौतियों से सामना करा सकती है। शनि सबसे धीमी गति से एक राशि से दूसरी राशि में आते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2026 में शनि का कोई गोचर नहीं होगा। इस समय शनि मीन राशि के गोचर में हैं। शनि अगले साल यानी 2027 में मीन राशि से निकलकर मेष राशि में आएंगे। मेष राशि वालों पर अभी शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। जानें शनि का मेष गोचर कब होगा और इस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
शनि का मेष राशि में कब होगा गोचर:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि 3 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। मेष राशि में शनि ढाई साल विराजमान रहेंगे। हालांकि बीच में शनि एक बार फिर से मीन राशि में लौटेंगे। इसके बाद 23 फरवरी 2028 को पूर्ण रूप से मेष राशि के हो जाएंगे।
मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा शनि गोचर:
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि का मेष गोचर व्यक्तिगत तरक्की और कड़ी मेहनत की नई शुरुआत के लिए जाना जाता है। हालांकि मेष राशि में शनि नीच के होते हैं। इस अवधि में मेष राशि वालों को करियर, आर्थिक तरक्की और सेहत से जुड़े मिले-जुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इस समय आपके दांपत्य जीवन में भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव महसूस हो सकता है और आप मानसिक तनाव से घिर सकते हैं। खर्चों में वृद्धि के संकेत हैं। इसलिए आर्थिक बजट बनाकर चलें, वरना कर्ज लेने की नौबत आ सकती है। सेहत की बात करें तो इस गोचर का प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस समय आपको थकान और ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है। मानसिक शांति के लिए योग या ध्यान को नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल करें। पारिवारिक मसलों को बड़ा होने से पहले ही सुलझाना आपके लिए अच्छा रहेगा।
शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय-
1. शनि कृपा पाने के लिए शनिवार को काली उड़द की दाल, काले तिल, सरसों का तेल और लोहा आदि का दान करना चाहिए।
2. शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए।
3. शनिवार या प्रतिदिन काले कुत्ते या कौवे को नियमित रूप से रोटी खिलानी चाहिए।
4. हनुमान जी की आराधना करने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
5. नियमित रूप से शिवलिंग पर जलाभिषेक करना चाहिए और भगवान शंकर को शमी के पत्ते अर्पित करने चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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