27 जुलाई से शनि चलेंगे वक्री चाल, पंडित जी से जानें साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
Shani Vakri Effect on Sadesati: शनि जुलाई में अपनी चाल में बदलाव करने वाले हैं। शनि की चाल में होने वाला परिवर्तन शनि की साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों पर विशेष रूप से प्रभाव डालेगा। जानें वक्री शनि साढ़ेसाती से परेशान राशियों को कैसे फल देंगे।

Vakri Shani ka Mesh, Kumbh aur Meen Rashi Par Prabhav: ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे धीमी गति का ग्रह माना जाता है। शनि समय-समय पर अपनी चाल में बदलाव करते हैं, जिसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों पर पड़ता है। 27 जुलाई 2026 को शनि वक्री (उलटी) चाल शुरू करेंगे और 11 दिसंबर 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे। कहा जाता है कि शनि अपने प्रभाव से व्यक्ति को फर्श से अर्श और अर्श से फर्श तक पहुंचा सकते हैं। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, साढ़ेसाती के दौरान वक्री शनि सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। जानें पंडित नरेंद्र उपाध्याय से साढ़ेसाती से परेशान मेष, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की उलटी चाल का क्या प्रभाव पड़ेगा।
मेष राशि पर शनि की वक्री चाल का प्रभाव:
ज्योतिषाचार्य उपाध्याय के अनुसार, मेष राशि के लिए शनि की वक्री यानी उलटी चाल लाभप्रद साबित हो सकती है। इस समय आपका मन शांत रहेगा। पारिवारिक जीवन से जुड़ी समस्याएं सुलझ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ चली आ रही अनबन दूर हो सकती है। वक्री शनि के प्रभाव से मेष राशि वालों की करियर से जुड़ी अड़चनें दूर हो सकती हैं। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। मेहनत का पूरा फल प्राप्त हो सकता है। नए काम की शुरुआत हो सकती है। आर्थिक तौर पर भी आपको सुधार देखने को मिलेगा। खर्चों में कमी आ सकती है, जिससे बचत करने में सफल हो सकते हैं। लंबे समय से अटके हुए धन की वापसी हो सकती है। सेहत की बात करें तो सुधार के संकेत हैं। एनर्जी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। मानसिक तनाव से राहत मिल सकती है।
कुंभ और मीन राशि पर शनि की वक्री चाल का असर:
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि की वक्री चाल साढ़ेसाती से परेशान कुंभ और मीन राशि के लिए अच्छी नहीं कही जाएगी। वक्री शनि के कारण आपका मन परेशान या विचलित हो सकता है। भविष्य को लेकर चिंता हो सकती है। इस समय आपको धैर्य रखना चाहिए। कार्यों में अड़चनें आ सकती हैं। आर्थिक तौर पर उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। आकस्मिक खर्चों में वृद्धि होने से मानसिक तनाव हो सकता है। बेकार के खर्चों से बचें और बजट बनाकर चलें। पारिवारिक जीवन में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। इस समय रिश्तों को बहुत समझदारी से संभालने की जरूरत हो सकती है। इस समय आप शारीरिक तौर पर भी परेशान हो सकते हैं। वक्री शनि के दौरान खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के उपाय-
1. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का व्रत करना चाहिए।
2. शनिवार को काले तिल, उड़द, सरसों का तेल और काले कंबल आदि का दान करना चाहिए।
3. शनि कृपा पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करें और उसकी जड़ में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




साइन इन