Navratri Ki Pooja Time from 11:49 am Muhurta Ghat sthapana kab kare Kalash Sthapana ki Vidhi 2025 नवरात्रि की पूजा: घर पर कैसे करें कलश की स्थापना, 11:49 बजे से घटस्थापना अभिजित मुहूर्त, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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नवरात्रि की पूजा: घर पर कैसे करें कलश की स्थापना, 11:49 बजे से घटस्थापना अभिजित मुहूर्त

Navratri Ki Pooja Time 2025: 22 सितंबर, सोमवार को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन पड़ रहा है। विधिवत तरीके से शुभ मुहूर्त देखकर ही कलश या घट की स्थापना कर दुर्गा देवी की पूजा शुरू की जाती है। जानें घट स्थापना की आसान विधि-

Sun, 21 Sep 2025 07:59 PMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नवरात्रि की पूजा: घर पर कैसे करें कलश की स्थापना, 11:49 बजे से घटस्थापना अभिजित मुहूर्त

Navratri Ki Pooja, नवरात्रि की पूजा: घटस्थापना को ही कलश स्थापना भी कहते हैं। 22 सितंबर को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है, जब कलश स्थापना की जाती है। विधिवत तरीके से शुभ मुहूर्त देखकर ही कलश स्थापना करना चाहिए। प्रतिपदा तिथि के दिन का पहला एक तिहायी भाग घटस्थापना हेतु उत्तम समय माना जाता है। अगर किसी कारण से यह समय उपलब्ध न हो तो अभिजित मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकते हैं। कलश के नीचे बालू की वेदी बनाकर जौ बोए जाते हैं। देवी-देवताओं के आवाहन से पूर्व घटस्थापना किया जाता है। आइए जानते हैं स्टेप बाय स्टेप कलश स्थापना व पूजा की विधि और सामग्री-

11:49 बजे से अभिजित मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 11:49 ए एम से 12:38 पी एम तक 49 मिनट्स का घटस्थापना अभिजित मुहूर्त रहेगा। इस दिन कन्या लग्न सुबह 06:09 बजे से लेकर 08:06 ए एम तक रहेगा।

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घर पर कैसे करें कलश की स्थापना

स्टेप-1 सबसे पहले मिट्टी का बड़ा पात्र लें, जिसका इस्तेमाल कलश स्थापित करने के लिए किया जाना है। गमले में मिट्टी की एक परत बिछाएं, अन्न के दानों (बीजों) को बिखेरें। मिट्टी की एक परत बिछाएं। पात्र के किनारे-किनारे अन्न के दानों को रोपें। अब एक मिट्टी की तीसरी एवं अंतिम परत बिछाएं। आवश्यकतानुसार जल डालें।

स्टेप-2 अब कलश लें और उसके गले पर कलावा (मौली) बांधने के बाद उसे गले तक गंगाजल से भर लें। कलश के जल में अक्षत, सिक्का, दूर्वा घास, इत्र और सुपारी डालें। अशोक या आम के पेड़ के 5 पत्तों को कलश के मुख पर रखें। अंत में उसे मिट्टी के छोटे पात्र से ढंक दें।

स्टेप-3 अब बिना छिला हुआ जटा वाला नारियल लें तथा उसे लाल वस्त्र में लपेट कर मौली से बांध दें। नारियल को लाल वस्त्र एवं मौली से बांधने के बाद कलश के मुख पर रख दें।

स्टेप-4 अन्त में इस कलश को उस पात्र के मध्य में स्थापित करें, जिसमें अन्न रोपित किया गया था। अब यह कलश देवी दुर्गा के आवाहन के लिये उपयुक्त है।

स्टेप-5 करें देवी दुर्गा का आवाहन: मां दुर्गा का आवाहन करते हुए उनसे पूजा स्वीकार करने की प्रार्थना करें। माता से नौ दिवसीय इस अनुष्ठान के समय कलश में निवास करने का अनुरोध करें।

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पंचोपचार पूजा: पंचोपचार की पूजा पांच प्रकार की पूजन सामग्रियों द्वारा किया जाता है। सर्वप्रथम कलश फिर आवाहन किये गये सभी देवी-देवताओं के निमित्त दीप प्रज्वलित करें। दीपदान के बाद कलश को धुप, पुष्प तथा इत्र अर्पित करें। अंत में नैवेद्य के रूप में कलश को फल एवं मिष्ठान अर्पित करते हुए पंचोपचार पूजा सम्पन्न करें।

पूजा सामग्री लिस्ट

  • जौ
  • धूप
  • फूल
  • पान
  • फल
  • लौंग
  • दुर्वा
  • कपूर
  • अक्षत
  • सुपारी
  • कलश
  • कलावा
  • नारियल
  • इलायची
  • लाल चुनरी
  • लाल वस्त्र
  • पान के पत्ते
  • लाल चंदन
  • घी का दीपक
  • श्रृंगार का सामान

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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