नवरात्रि के पहले दिन 1 घंटे 56 मिनट का उत्तम मुहूर्त, जानें दुर्गा पूजा विधि, मंत्र, उपाय
First day of Navratri Time 2025: 10 दिनों की शारदीय नवरात्रि इस बार शुक्ल योग और ब्रह्म योग में शुरू हो रही है। इसी दिन विधिवत तरीके से घट व कलश स्थापना कर 9 दिनों की दुर्गा माता की पूजा शुरू की जाती है।

First day of Navratri Time, शारदीय नवरात्रि 2025: इस साल की शारदीय नवरात्रि सोमवार से शुरू हो रही है। 10 दिनों की नवरात्रि इस बार शुक्ल व ब्रह्म योग में शुरू हो रही है। पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 01:23 ए एम पर 22 सितंबर को शुरू होगी व 02:55 ए एम पर 23 सितंबर को खत्म होगी। प्रतिपदा तिथि के दिन शारदीय नवरात्रि का पहला दिन 22 सितंबर को होगा। इसी दिन विधिवत तरीके से घट व कलश स्थापना कर 9 दिनों की पूजा शुरू की जाती है। घटस्थापना को कलश स्थापना के नाम से भी जाना जाता है। प्रतिपदा तिथि के दिन का पहला एक तिहायी भाग घटस्थापना के लिए शुभ समय माना जाता है। आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि के पहले दिन का उत्तम मुहूर्त, उपाय, मंत्र व भोग-
नवरात्रि के पहले दिन 1 घंटे 56 मिनट का उत्तम मुहूर्त
घटस्थापना मुहूर्त: 06:09 ए एम से 08:06 ए एम
अवधि: 01 घंटा 56 मिनट्स
मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।"
सर्वमंगल मांगल्ये: "सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥"
उपाय: 9 देवियों की नौ दिन तक विधिवत श्रद्धा के साथ आराधना करने से साधक के नौ ग्रह शांत होते हैं। ये सब मां शक्ति की कृपा स्वरूप होता है। यही नहीं मां की कृपा से काल सर्प दोष, कुमारी दोष, मंगल दोष आदि में राहत पाया जा सकता है।
जानें दुर्गा पूजा विधि
सुबह उठकर स्नान करें और मंदिर साफ करें।
कलश स्थापना करें।
माता का गंगाजल से अभिषेक करें।
अक्षत, लाल चंदन, चुनरी और लाल पुष्प अर्पित करें।
प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं।
घर के मंदिर में धूपबत्ती और घी का दीपक जलाएं
दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें
पान के पत्ते पर कपूर रख माता की आरती करें।
अंत में क्षमा प्राथर्ना करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह लेना अच्छा रहेगा।




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