महाकालेश्वर मंदिर में नई सुविधा, अब कर सेकेंगे ऑनलाइन दान, हाथों से भोग लगाने का मिलेगा मौका
अगर आप भी उज्जैन के बाबा महाकाल के भक्त हैं, तो यह खबर आपके लिए हैं। क्योंकि मंदिर समिति जल्द ही नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस सुविधा के तहत भक्तों को ऑनलाइन दान कर सेकेंगे।

अगर आप भी उज्जैन के बाबा महाकाल के भक्त हैं, तो यह खबर आपके लिए हैं। क्योंकि मंदिर समिति जल्द ही नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस सुविधा के तहत भक्तों को ऑनलाइन दान कर सेकेंगे। महाकाल को अपने हाथों से भोग लगा सकेंगे, जैसे कई सुविधाएं भक्तों को मिलने वाली है। खबरों के मुताबिक यह सुविधा अगले सोमवार से शुरू होने की संभावना है। चलिए जानते हैं कि भक्तों को क्या-क्या सुविधा मिलेगी।
अन्न क्षेत्र में ऑनलाइन दान
नई सुविधा के तहत श्री महाकालेश्वर मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब ऑनलाइन दान की सुविधा शुरू की जा रही है। जो भक्त दान करेंगे, उन्हें भोग आरती के दौरान भगवान महाकाल को भोग अर्पित करने का अवसर मिलेगा। श्रद्धालु महाकाल मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in के जरिए घर बैठे दान कर सकेंगे।
कितना दान है निर्धारित
मंदिर समिति के अनुसार अन्न क्षेत्र पूरी तरह दान पर चलता है। यहां रोज दो समय में करीब 9 हजार श्रद्धालु भोजन प्रसाद लेते हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए अब दान की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। दान की राशि इस प्रकार रखी गई है:
दोनों समय के भोजन प्रसादी के लिए 110000 रुपये
एक समय के लिए 51000 रुपये
मीठे प्रसाद के लिए 21000 रुपये।
कभी भी करा सकते हैं बुकिंग
बताते चलें कि दान की यह सुविधा ऑफलाइन थी, जिसमें श्रद्धालुओं को अन्न क्षेत्र पहुंचकर दान करना पड़ता था। नई व्यवस्था में भक्त साल के 365 दिन किसी भी तारीख के लिए पहले से बुकिंग कर सकेंगे। जन्मदिन, मैरिज एनिवर्सरी या अन्य शुभ अवसरों पर भी भोजन प्रसादी का आयोजन कराया जा सकेगा।
अपने हाथों से लगा सकेंगे भोग
इतना ही नहीं दान देने वालों के लिए एक खास व्यवस्था भी की जा रही है। इसके तहत दान करने वाले भक्तों को भोग आरती के दौरान मंदिर ले जाया जाएगा और उनके हाथों से भगवान महाकाल को भोग अर्पित कराया जाएगा।
क्यों शुरू हो रही है यह सुविधा
मंदिर समिति का कहना है कि इस पहल से ज्यादा श्रद्धालु अन्न क्षेत्र सेवा से जुड़ पाएंगे और उन्हें एक नया आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। दान करने वाले भक्तों को भोग आरती के समय मंदिर के अंदर ले जाया जाएगा, जहां वे भोग अर्पित कर सकेंगे।
भोग थाली में क्या-क्या होगा
भोग थाली की बात करें, तो बाबा को रोजाना सुबह 10 बजे भोग अर्पित किया जाता है। थाली में गेहूं की रोटी, दाल-चावल और दो तरह की सब्जियां रहती हैं। कई बार श्रद्धालु अपनी ओर से मिठाई अर्पित करते हैं, उसे भी भोग थाली में शामिल किया जाता है।
आरती में शामिल होने पर लगेंगे 250 रुपये
नई व्यवस्था के अनुसार, संध्या और शयन आरती में शामिल होने के लिए अब 250 रुपये लगेंगे। मंदिर समिति ने भस्म आरती की तरह इन आरतियों के दर्शन के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है। इससे समिति को प्रतिदिन करीब 6 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।




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