Jyeshtha Month 2026: दो महीने तक चलेगा ज्येष्ठ माह, अधिक मास के साथ जानें व्रत-त्योहार और बड़े मंगल की तारीखें
हिंदू पंचांग के हिसाब से इस साल 2 मई 2026 से ज्येष्ठ माह शुरू हो रहा है। लेकिन इस बार ये महीना सामान्य नहीं रहने वाला है। वजह साफ है- इस साल इसमें अधिक मास का संयोग बन रहा है। इसी कारण ज्येष्ठ माह एक नहीं बल्कि पूरे दो महीने तक चलेगा।

हिंदू पंचांग के हिसाब से इस साल 2 मई 2026 से ज्येष्ठ माह शुरू हो रहा है। लेकिन इस बार ये महीना सामान्य नहीं रहने वाला है। वजह साफ है- इस साल इसमें अधिक मास का संयोग बन रहा है। इसी कारण ज्येष्ठ माह एक नहीं बल्कि पूरे दो महीने तक चलेगा। यानी इस बार लोगों को दो बार ज्येष्ठ माह का अनुभव मिलेगा।
इस बार की एक और खास बात ये है कि इसमें कुल आठ बड़े मंगल पड़ेंगे। ज्येष्ठ महीने में आने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है और इस दिन हनुमान जी की पूजा का खास महत्व होता है। आमतौर पर चार या पांच बड़े मंगल पड़ते हैं, लेकिन इस बार महीना लंबा होने की वजह से इनकी संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी।
ज्येष्ठ का महीना वैसे भी धार्मिक कामों के लिए अहम माना जाता है, लेकिन जब इसमें अधिक मास जुड़ जाता है तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दौरान वट सावित्री व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा, अपरा एकादशी, गंगा दशहरा और शनि जयंती जैसे बड़े पर्व भी पड़ेंगे। ऐसे में पूरे महीने धार्मिक माहौल बना रहेगा।
अब बात करते हैं अधिक मास की। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। सीधी भाषा में समझें तो जब पंचांग की गणना में थोड़ा अंतर आ जाता है, तब उसे ठीक करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। उसी को अधिक मास कहते हैं।
इस साल यही अधिक मास ज्येष्ठ में पड़ रहा है। इसलिए एक ही महीने के दो हिस्से बनेंगे- दो कृष्ण पक्ष और दो शुक्ल पक्ष। इसी वजह से लोग इसे “दो ज्येष्ठ” भी कह रहे हैं।
इसमें एक खास बात और है- पूरा महीना अधिक मास नहीं माना जाता। जो समय पहले शुक्ल पक्ष से लेकर अगले कृष्ण पक्ष तक करीब 30 दिन का होता है, वही असली अधिक मास या पुरुषोत्तम मास होता है।
अगर तारीख की बात करें तो इस साल ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून 2026 तक रहेगा। वहीं अधिक मास की अवधि 17 मई से 15 जून के बीच मानी जाएगी।
कुल मिलाकर इस बार का ज्येष्ठ महीना लंबा भी है और खास भी। पूजा-पाठ, व्रत और दान करने वालों के लिए ये अच्छा समय माना जा रहा है। जो लोग धार्मिक कामों में मन लगाना चाहते हैं, उनके लिए ये पूरा महीना बढ़िया मौका लेकर आ रहा है।
तारीख त्योहार और व्रत
1 मई कूर्म जयन्ती, बुद्ध पूर्णिमा, चण्डिका जयन्ती, चित्रा पूर्णनामी, वैशाख पूर्णिमा व्रत, वैशाख पूर्णिमा,
2 मई नारद जयंती, ज्येष्ठ माह का आरंभ
5 मई एकदन्त संकष्टी, पहला बड़ा मंगल
9 मई कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
12 मई दूसरा बड़ा मंगल
13 मई कृष्ण परशुराम द्वादशी, अपरा एकादशी
14 मई अपरा एकादशी पारण, गुरु प्रदोष व्रत
15 मई वृषभ संक्रान्ति, मासिक शिवरात्रि
16 मई वट सावित्री व्रत, शनि जयन्ती, मासिक कार्तिगाई, दर्श अमावस्या
18 मई रोहिणी व्रत
19 मई तीसरा बड़ा मंगल
20 मई वरदा चतुर्थी
21 मई अधिक स्कन्द षष्ठी
23 मई अधिक मासिक दुर्गाष्टमी
25 मई गंगा दशहरा
26 मई चौथा बड़ा मंगल
27 मई अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी
28 मई गुरु प्रदोष व्रत
31 मई ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा
मई में कब-कब है बड़ा मंगल 2026
पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026
दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026
तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026
चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026




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