bada mangal 2026 how many Budhawa Mangal in jyeshtha maah 8 or 9 know significance 8 या 9 ज्येष्ठ माह में कितने पड़ेंगे बड़ा मंगल, ये क्यों होता है खास, जानिए महत्व, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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8 या 9 ज्येष्ठ माह में कितने पड़ेंगे बड़ा मंगल, ये क्यों होता है खास, जानिए महत्व

bada mangal 2026: 2 मई 2026 से ज्येष्ठ का महीना शुरू हो रहा है। इस महीने में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इस दिन बजरंगबली की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है। आमतौर पर ज्येष्ठ माह में 4 से 5 बड़ा मंगल पड़ता है, लेकिन इस बार एक बड़ा संयोग बन रहा है।

Fri, 1 May 2026 03:15 PMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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8 या 9 ज्येष्ठ माह में कितने पड़ेंगे बड़ा मंगल, ये क्यों होता है खास, जानिए महत्व

2 मई 2026 से ज्येष्ठ का महीना शुरू हो रहा है। इस महीने में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इस दिन बजरंगबली की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है। आमतौर पर ज्येष्ठ माह में 4 से 5 बड़ा मंगल पड़ता है, लेकिन इस बार ज्येष्ठ महीने में अधिकमास के दुर्लभ संयोग के कारण 4 या 5 नहीं बल्कि 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो 5 मई से शुरू होकर 23 जून 2026 तक चलेंगे। यह दिन न केवल पवनपुत्र हनुमान की भक्ति का है, बल्कि यह अधर्म पर धर्म और अहंकार पर विनम्रता की विजय का भी संदेश देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्येष्ठ माह के में पड़ने वाला हर मंगलवार क्यों खास होता है। चलिए इसका महत्व जानते हैं।

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क्यों खास है बड़ा मंगल?

बड़ा मंगल मनाने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसके तार रामायण और महाभारत, दोनों ही युगों से गहराई से जुड़े हैं। इसके पीछे 3 बड़ी वजहें मानी जाती है।

1. प्रभु श्री राम और हनुमान जी का मिलन

पौराणिक कथा के मुताबिक जब भगवान श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण के साथ माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे, तभी उनकी पहली मुलाकात हनुमान जी से हुई थी। उस समय हनुमान जी ब्राह्मण के वेश में थे। मान्यता है कि यह पावन मिलन ज्येष्ठ मास के मंगलवार को हुआ था। इसी वजह से इस दिन हनुमान जी के साथ भगवान श्रीराम की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है।

2. भीम का अहंकार हुआ चूर-चूर

दूसरी कथा महाभारत से जुड़ी है। मान्यता है कि भीम अपनी ताकत पर बहुत घमंड करने लगे थे। उनका अहंकार तोड़ने के लिए हनुमान जी ने बूढ़े वानर का रूप लिया और रास्ते में अपनी पूंछ फैलाकर बैठ गए। भीम ने जब पूंछ हटाने की कोशिश की, तो वे अपनी पूरी ताकत लगाने के बाद भी उसे हिला नहीं पाए। तब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने क्षमा मांगी। इसके बाद हनुमान जी ने उन्हें अपने असली रूप में दर्शन दिए। इसी कारण इस दिन को ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है।

3. लंका में बजरंगबली का विराट रूप

तीसरी कथा रामायण काल की है। एक बार हनुमान जी माता सीता का संदेश लेकर लंका पहुंचे, तो अभिमानी रावण ने उन्हें 'तुच्छ बंदर' कहकर अपमानित किया। रावण के इसी मद को चूर करने के लिए बजरंगबली ने एक वृद्ध वानर से सीधे विराट रूप धारण कर लिया और अपनी पूंछ से सोने की लंका को भस्म कर दिया। यह पराक्रम भी ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही घटित हुआ था।

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ज्येष्ठ माह 2026 में कब-कब है बड़ा मंगल

पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026
दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026
तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026
चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026
पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून 2026
छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026
सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026
आठवां बड़ा मंगल: 23 जून 2026

बड़ा मंगल पर पूजा विधि

-बड़े मंगल पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें,फिर साफ वस्त्र धारण करें।
- अब आप एक चौकी पर हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित कर लीजिए।
-फिर प्रभु को लाल रंग का फूल अर्पित करिए।
- इसके बाद बजरंगबली को लाल रंग के वस्त्र, सिंदूर और अक्षत अर्पित करें।
-फिर चमेली का तेल भी चढ़ाएं।
- हनुमान जी के मंत्र का जप करते हुए शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- पूजा के दौरान हनुमान जी को चोला भी चढ़ा सकते हैं।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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