कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती कब खत्म होगी? समझिए पूरा समय और असर
ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती को ऐसा समय माना जाता है, जो इंसान को परखता है। यह दौर हर किसी के जीवन में कभी न कभी आता है। इस दौरान कई बार काम में रुकावट, पैसों की टेंशन और मन में बेचैनी जैसी चीजें देखने को मिलती है। साढ़ेसाती का समय करीब साढ़े सात साल का होता है।

ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती का विशेष महत्व होता है। यह दौर हर किसी के जीवन में कभी न कभी आता है। इस दौरान कई बार काम में रुकावट, पैसों की टेंशन और मन में बेचैनी जैसी चीजें देखने को मिलती है। साढ़ेसाती का समय करीब साढ़े सात साल का होता है। इसे तीन हिस्सों में समझा जाता है। जब शनि आपकी चंद्र राशि से एक राशि पहले, फिर उसी राशि में और उसके बाद अगली राशि में रहते हैं, तब यह पूरा समय बनता है। शनि की चाल बाकी ग्रहों के मुकाबले धीमी होती है। यह करीब ढाई साल में एक राशि बदलते हैं। इसलिए इनका असर भी जल्दी खत्म नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक बना रहता है।
कुंभ राशि पर अभी क्या चल रहा है-
कुंभ राशि वालों के लिए अभी साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। यह तीसरा चरण होता है। इस समय कई लोगों को लगता है कि काम में मेहनत ज्यादा लग रही है, लेकिन रिजल्ट धीरे मिल रहा है। हालांकि यही समय धीरे-धीरे चीजों को ठीक भी करता है। जो काम लंबे समय से अटके होते हैं, उनमें हलचल शुरू होने लगती है।
कब शुरू हुई थी साढ़ेसाती- कुंभ राशि वालों के लिए साढ़ेसाती की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। उस समय शनि मकर राशि में आए थे, जो कुंभ से पहले वाली राशि है। इसके बाद साल 2023 में शनि कुंभ राशि में पहुंचे। वहीं से दूसरा चरण शुरू हुआ। अब तीसरा और अंतिम चरण चल रहा है, जो इस पूरे दौर का आखिरी हिस्सा है।
कब मिलेगी पूरी राहत- ज्योतिष के हिसाब से, 3 जून 2027 को शनि जब मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यानी जो समय 2020 से चल रहा था, वह 2027 में जाकर खत्म होगा। अभी यह समय अपने अंतिम हिस्से में है।
आखिरी चरण में क्या महसूस होता है- साढ़ेसाती का आखिरी चरण थोड़ा अलग होता है। इस समय इंसान को अपने किए कामों का असर दिखने लगता है। अगर आपने मेहनत की है, तो धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में आने लगती हैं। शुरुआत में सब कुछ धीमा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बदलती है। इस समय इंसान ज्यादा सोचता है, खुद को समझता है और जिम्मेदारी लेना सीखता है। कई लोगों को लगता है कि अब चीजें पहले से साफ दिखने लगी हैं।
खत्म होने के बाद क्या बदल सकता है- जब साढ़ेसाती खत्म होती है, तो शनि तीसरे भाव में चले जाते हैं। यह भाव हिम्मत और नए काम की शुरुआत से जुड़ा होता है। इस दौरान रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं। मेहनत का फल मिलने लगता है। आत्मविश्वास बढ़ता है और इंसान फिर से नई शुरुआत करने के लिए तैयार होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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