2027 में शनि ढैय्या की चपेट में आएगी कन्या राशि, जानें शनि का प्रभाव और राहत के 5 आसान उपाय
Shani Dhaiya on Virgo 2027: अगले साल शनि की ढैय्या कन्या राशि पर प्रारंभ होगी। कन्या राशि पर शनि ढैय्या लगते ही शनि अपना पूरा प्रभाव डालेंगे। जानें शनि ढैय्या के दौरान कन्या राशि वालों को किस तरह के फल देंगे शनि और राहत पाने के उपाय।

Shani Dhaiya ka kanya rashi par prabhav 2027: ज्योतिष शास्त्र में शनि गोचर एक महत्वपूर्ण घटना मानी गई है। इस साल शनि का कोई गोचर नहीं है और वह मीन राशि में ही रहेंगे। 3 जून 2027 को शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। मंगल की मेष राशि में शनि के गोचर से कई राशियां प्रभावित होंगी, जिनमें से एक कन्या राशि है। शनि गोचर के साथ ही कन्या राशि पर शनि ढैय्या प्रारंभ होगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि ढैय्या के दौरान व्यक्ति को मानसिक तनाव, कार्यक्षेत्र में चुनौतियां और आर्थिक अस्थिरता का सामना करना पड़ता है। जानें कन्या राशि पर शनि की ढैय्या का क्या प्रभाव रहेगा और शुभ फलों की प्राप्ति के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
कन्या राशि पर शनि ढैय्या कब लगेगी:
पंचांग के अनुसार, शनि 03 जून 2027 को मीन राशि से मेष राशि में आएंगे। शनि के मेष राशि में आते ही कन्या राशि पर शनि ढैय्या का प्रभाव शुरू हो जाएगा। कन्या राशि पर शनि ढैय्या ढाई वर्ष के लिए रहेगी।
शनि ढैय्या क्या होती है:
ज्योतिष के अनुसार, शनि ढैय्या ढाई वर्ष का एक विशेष समय होता है। जब शनिदेव गोचर में किसी व्यक्ति के चंद्र राशि से चौथे या आठवें भाव में प्रवेश करते हैं, तब ढैय्या शुरू होती है। इसके कंटक शनि भी कहा जाता है।
कन्या राशि पर शनि ढैय्या का प्रभाव:
पंडित ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि ढैय्या के दौरान कन्या राशि वालों के जीवन में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। जीवन में थोड़ी उथल-पुथल मच सकती है। सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मानसिक स्थिति पर भी नजर रखनी होगी। करियर और धन के मामले में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ेगा, जिससे मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। इस समय करियर में शांति बनाकर रखें और किसी भी तरह का कोई रिस्क नहीं लें।
शनि के अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय-
1. शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और वृक्ष की 9 या 11 बार परिक्रमा करें।
2. शनिवार को काली उड़द, काले वस्त्र, काले तिल और लोहा आदि का दान अत्यंत शुभ माना जाता है।
3. शनिवार को शनि मंदिर जाकर शनिदेव के दर्शन करने चाहिए।
4. शनि प्रकोप से बचाव के लिए हनुमान जी की आराधना अत्यंत शुभ मानी जाती है। प्रतिदिन या शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
5. प्रतिदिन भगवान शिव का जलाभिषेक करना लाभकारी माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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