Hanuman Janmotsav 2026 sundarkand path rules significance and benefits Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर सुंदरकांड का पाठ कब करें? नोट कर लें नियम, महत्व और लाभ, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर सुंदरकांड का पाठ कब करें? नोट कर लें नियम, महत्व और लाभ

भक्त इस दिन पूरे विधि-विधान से हनुमान जी की उपासना करते हैं और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से भक्त की सभी मनोकामना पूर्ण होती है। चलिए जानते हैं कि हनुमान जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ कैसे करें और इसका महत्व और फायदे क्या-क्या है?

Thu, 2 April 2026 11:35 AMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर सुंदरकांड  का पाठ कब करें? नोट कर लें नियम, महत्व और लाभ

आज यानी 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस दिन बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जी का जन्म हुआ था। इसीलिए चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। भक्त इस दिन पूरे विधि-विधान से हनुमान जी की उपासना करते हैं और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से भक्त की सभी मनोकामना पूर्ण होती है।साथ ही जीवन में धन, ऐश्वर्य, बल और बुद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि हनुमान जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ कैसे करें और इसका महत्व और फायदे क्या-क्या है?

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सुंदरकांड का महत्व

रामचरितमानस का पांचवां अध्याय सुंदरकांड अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी रचना महान संत गोस्वामी तुलसीदास ने 16वीं शताब्दी में की थी। यह एक ऐसा खंड है जो पूर्ण रूप से हनुमान जी की वीरता, भक्ति और पराक्रम को समर्पित है। सुंदरकांड में सीता माता की खोज, सुरसा का सामना, लंका में प्रवेश, अशोक वाटिका का विध्वंस और लंका दहन जैसी कई महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन मिलता है। इन सभी प्रसंगों का गहरा आध्यात्मिक महत्व है और इन्हें अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यही कारण है कि सुंदरकांड को एक शक्तिशाली आध्यात्मिक ग्रंथ और योग साधना का महत्वपूर्ण आधार भी माना जाता है।

हनुमान जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पढ़ने के नियम

- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुंदरकांड का पाठ सुबह या शाम 4 बजे के बाद करना अधिक शुभ माना जाता है।
- दोपहर 12 बजे के बाद इसका पाठ करना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता।
- पाठ शुरू करने से पहले एक साफ चौकी रखें और उस पर लाल रंग का स्वच्छ वस्त्र बिछाएं।
- इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और घी का दीपक जलाएं।
- सुंदरकांड का पाठ आरंभ करने से पहले भगवान श्रीराम और हनुमान जी की विधिपूर्वक पूजा करें।
- ध्यान रखें कि पाठ को बीच में छोड़े बिना पूरा करें और इस दौरान किसी से बातचीत न करें।

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पाठ करते समय इन बातों का रखें ध्यान

पाठ करते समय मन को शांत और सकारात्मक रखें। पाठ के दौरान किसी भी नकारात्मक विचार को मन में न आने दें। पूजा के अंत में हनुमान जी को फल, मेहंदी, बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग अर्पित करें। साथ ही अंत में हनुमान जी की आरती अवश्य करें और प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों के साथ बांटकर ग्रहण करें।

हनुमान चालीसा के लाभ

- सुंदर कांड का नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है और तनाव व चिंता धीरे-धीरे दूर होने लगती है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।

- जो लोग श्रद्धा के साथ सुंदर कांड का पाठ करते हैं, उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन की कठिनाइयों का सामना अधिक मजबूती से कर पाते हैं।

- ऐसा माना जाता है कि सुंदर कांड के प्रभाव से भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

- साथ ही हनुमान जी की कृपा से शनि, राहु और केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी कम होते हैं।

- सुंदर कांड का पाठ करने से व्यक्ति को कर्ज से राहत मिलने के योग बनते हैं और परिवार में सुख-शांति व खुशहाली बनी रहती है।

- सुंदरकांड का पाठ करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और कई प्रकार के ग्रह दोष से छुटकारा मिल जाता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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