रत्न शास्त्र: रत्नों को पहनने के बाद ना करें ये गलतियां, जानिए इससे जुड़े नियम
किसी भी रत्न को धारण करने से पहले और बाद में कुछ ऐसे नियम हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है। इससे रत्न का शुभ प्रभाव पड़ता है। लेकिन किसी भी प्रकार का रत्न या धातु धारण करने के पहले किसी ज्योतिष से सलाह जरूर लेना चाहिए। चलिए जानते हैं कि रत्न धारण करने के बाद क्या नहीं करना चाहिए।

रत्न शास्त्र में 84 उपरत्न और 9 रत्नों का वर्णन मिलता है। इसमें माणिक्य, पुखराज, पन्ना, हीरा, मूंगा जैसे रत्न को प्रमुख माना गया है। हर रत्न का अलग-अलग प्रभाव होता है। लेकिन किसी भी रत्न को धारण करने से पहले और बाद में कुछ ऐसे नियम हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है। इससे रत्न का शुभ प्रभाव पड़ता है। लेकिन किसी भी प्रकार का रत्न या धातु धारण करने के पहले किसी ज्योतिष से सलाह जरूर लेना चाहिए। चलिए जानते हैं कि रत्न धारण करने के बाद क्या नहीं करना चाहिए।
खंडित ना होने पाए रत्न
किसी भी रत्न को धारण करने बाद उसे समयज-समय पर चेक करते रहें कि कहीं वो टूटा या चिटका तो नहीं है। अगर ऐसा है तो उसे तुरंत उतार दें। क्योंकि इसे खंडित माना जाता है। माना जाता है कि खंडित रत्न पहनने से नकारात्मक शक्तियों का वास होने लगता है। साथ ही भाग्य भी साथ नहीं देता है। इससे कई तरह की घटनाएं भी होती है।
दूसरे का ना दें और ना लें
रत्न पहनने वालों पर ही इसका प्रभाव होता है। या कह सकते हैं कि यह एक व्यक्तिगत ऊर्जा कवच की तरह होता है। ऐसे में दूसरों को ना अपना रत्न दें और ना ही किसी दूसरे का रत्न पहनें। ज्योतिष नजरिए से दोनों ही परिस्थितियों में यह हानिकारक माना गया है। इससे दूसरे व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा आप तक पहुंच सकती है और आपके रत्न का प्रभाव दूषित हो सकता है। अगर आप ट्रायल के लिए भी देखते हैं, तो ऐसा बिल्कुल ना करें।
खान-पान का ध्यान
सात्विक रत्न पहनने वाले खान-पान का खास ख्याल रखना चाहिए। इन रत्नों को पहनने के बाद मांस-मदिर का सेवन बिल्कुल ना करें। अशुद्ध अवस्था में रत्न को छूना या पहनकर रखना ग्रह दोष का कारण बन सकता है। अगर आप किसी ऐसी परिस्थिति में हैं जहां अशुद्धि अनिवार्य है तो रत्न को उतारकर पवित्र स्थान पर रख देना चाहिए।
साफ-सुथरा रत्न धारण करें
वहीं, रत्न को साफ रखना और समय-समय पर शुद्ध करना चाहिए। अगर रत्न गंदा हो जाता है, तो इसका प्रभाव की कम होता है। यही कारण है कि रत्न को सम्मान के साथ पहनने की सलाह दी जाती है।
पहनने से पहले नियम
रत्न धारण करने के पहले यह भी जान लेना चाहिए कि जो रत्न धारण कर रहे हैं वह शुद्ध है या नहीं। नहीं नकली या अशुद्ध तो नहीं है। कभी खंडित रत्न न पहनें। रत्नों की उनकी निर्धारित अंगुली में ही पहनना चाहिए। रत्न आपकी त्वचा से स्पर्श करता हुआ होना चाहिए। तभी आपको उसका फायदा होगा।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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