Chaitra Navratri 2026: तो इस दिन पड़ रही है चैत्र नवरात्रि की अष्टमी, ये हैं पूजा के लिए 3 शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि अपने आप में बेहद ही खास होती है। वहीं नवरात्रि में अष्टमी की पूजा का बहुत महत्व होता है। आज जानेंगे कि इस बार की अष्टमी कब पड़ रही है और इस दिन के लिए पूजा के शुभ मुहूर्त क्या हैं?

Chaitra Navratri Ashtami Date 2026: हिंदू धर्म में चैत्र के महीने का बहुत ही महत्व होता है। इसी महीने में हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। साथ ही इसी दिन चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा का त्योहार होता है। बात करें चैत्र नवरात्रि की तो ये चैत्र महीने की सबसे बड़ी पूजा मानी जाती है जोकि 9 दिनों तक चलती है। इन 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग अवतार को पूजा जाता है। साल में नवरात्रि चार बार आती है लेकिन गृहस्थों के लिए चैत्र और शारदीय नवरात्रि ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को हो रही है। इस दिन गुरुवार पड़ रहा है और ऐसे में ये और भी खास हो जाता है।
महाअष्टमी की पूजा
बता दें कि साल में नवरात्रि कई बार आती है लेकिन इस वाली नवरात्रि का बहुत महत्व होता है क्योंकि इसमें विशेष रूप से घटस्थापना की जाती है। नवरात्रि कोई सी भी हो लेकिन सबमें अष्टमी और नवमी के दिन का बहुत ही खास महत्व होता है। महाअष्टमी की पूजा खास तौर पर की जाती है और मान्यता है कि अगर विधि-विधान से ये पूजा की जाए तो मां दुर्गा का खूब आशीर्वाद मिलता है।
किस दिन है महाअष्टमी?
तमाम लोग नवरात्र के पूरे नौ दिन व्रत रहते हैं। वहीं कुछ लोग पहली और अष्टमी वाला ही व्रत रखते हैं। ऐसे में अष्टमी वाली पूजा और भी जरूरी हो जाती है। बता दें कि इस साल चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च को पड़ेगी। इस खास दिन पर कन्या पूजा की प्रथा होती है। लोग कन्या भोजन करवाकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि का वरदान मांगते है। विवाहित और अविवाहित कन्याओं के लिए इस पूजा का खास महत्व माना जाता है। कई जगह प्रथा है कि इस दिन लोग अपने कुलदेवी को भी पूजते हैं।
अष्टमी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
चैत्र महीने में अष्टमी की तिथि की शुरुआत 25 मार्च से ही हो जाएगी। इसके लिए समय दोपहर में 1 बजकर 50 मिनट रहेगा। वहीं इसका समापन अगले दिन यानी 26 मार्च की सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा। ऐसे में पूजा सुबह 6 बजकर 20 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 52 बजे के बीच किया जा सकता है।
पूजा के लिए बाकी दो मुहूर्त
पूजा का दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 56 मिनट से लेकर दोहपर में 2 बजकर 1 मिनट भी है। वहीं जो लोग शाम को पूजा करेंगे उनके लिए शुभ मुहूर्त 5 बजकर 6 मिनट से लेकर 9 बजकर 33 मिनट है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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