Kharmas 2026: खरमास शुरू होने से पहले जरूर घर ले आएं ये 5 चीजें, धन-समृद्धि में होगी वृद्धि
साल 2026 में पहला खरमास (मीन खरमास) 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगा। इस 30 दिन की अवधि में नए शुभ कार्य टाल दिए जाते हैं, लेकिन खरमास शुरू होने से पहले कुछ विशेष वस्तुएं घर में लाने से धन-समृद्धि के योग मजबूत होते हैं और पूरे साल आर्थिक स्थिति सकारात्मक बनी रहती है।

हिंदू ज्योतिष में जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है। इस दौरान सूर्य की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नए व्यापार की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। साल 2026 में पहला खरमास (मीन खरमास) 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगा। इस 30 दिन की अवधि में नए शुभ कार्य टाल दिए जाते हैं, लेकिन खरमास शुरू होने से पहले कुछ विशेष वस्तुएं घर में लाने से धन-समृद्धि के योग मजबूत होते हैं और पूरे साल आर्थिक स्थिति सकारात्मक बनी रहती है। आइए जानते हैं ये 5 शुभ चीजें और इनके वास्तु-ज्योतिषीय लाभ।
खरमास 2026 की सटीक तिथि और अवधि
द्रिक पंचांग के अनुसार सूर्य 14 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 41 मिनट पर कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए खरमास की शुरुआत 15 मार्च 2026 से होगी। यह खरमास 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस दौरान कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं निकलता, इसलिए सभी मांगलिक कार्य स्थगित रहते हैं। खरमास से पहले घर में कुछ विशेष वस्तुओं को लाना और स्थापित करना शुभ माना जाता है, क्योंकि ये वस्तुएं खरमास के बाद आने वाले शुभ समय में धन-वृद्धि और स्थिरता लाती हैं।
धातु का कछुआ - समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक
वास्तु शास्त्र में धातु (पीतल या तांबे) का कछुआ धन-स्थिरता और दीर्घायु का सबसे शक्तिशाली प्रतीक माना जाता है। खरमास शुरू होने से पहले घर में धातु का कछुआ लाकर उसे उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में जलाशय या पानी के बर्तन के पास रखें।
लाभ: कछुआ धन का प्रवाह स्थिर करता है और आर्थिक उतार-चढ़ाव से बचाता है। माना जाता है कि यह वस्तु घर में लक्ष्मी जी की कृपा बनाए रखती है।
मनी प्लांट - धन आकर्षण का जीवंत प्रतीक
मनी प्लांट (पैसा पौधा) वास्तु और फेंगशुई दोनों में धन आकर्षण के लिए जाना जाता है। खरमास से पहले एक स्वस्थ मनी प्लांट घर में लाकर उसे दक्षिण-पूर्व दिशा (अग्नि कोण) में रखें। नियमित रूप से पानी दें और पत्तों को साफ रखें।
लाभ: यह पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और धन के नए स्रोत खोलता है। वास्तु के अनुसार यह घर में लक्ष्मी का वास बनाए रखता है।
चांदी के सिक्के - लक्ष्मी जी को प्रिय वस्तु
चांदी को मां लक्ष्मी का प्रिय धातु माना जाता है। खरमास शुरू होने से पहले 5 या 11 चांदी के सिक्के लाकर उन्हें लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी, पूजा स्थल या धन स्थान में रखें।
लाभ: चांदी के सिक्के धन संचय को बढ़ाते हैं और आर्थिक स्थिति में स्थिरता लाते हैं। यह उपाय खरमास के बाद धन प्रवाह को तेज करता है।
मोरपंख - नकारात्मकता दूर करने वाला प्रतीक
मोरपंख को वास्तु और ज्योतिष दोनों में नकारात्मक ऊर्जा नाशक और शुभता लाने वाला माना जाता है। खरमास से पहले 3 या 5 मोरपंख लाकर उन्हें पूजा स्थल या मुख्य द्वार के पास रखें।
लाभ: मोरपंख घर के वातावरण को शुद्ध रखता है, दुष्ट दृष्टि और नजर से रक्षा करता है तथा मानसिक शांति देता है। यह उपाय घर में लक्ष्मी कृपा बनाए रखने में सहायक है।
नई झाड़ू - लक्ष्मी का प्रतीक और दरिद्रता नाशक
वास्तु में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। खरमास शुरू होने से पहले एक नई झाड़ू घर में लाएं और उसे सम्मानपूर्वक रखें। पहली बार उपयोग करने से पहले उस पर हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएं।
लाभ: नई झाड़ू से पुरानी झाड़ू की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में दरिद्रता का नाश होता है। यह घर में साफ-सफाई और धन-धान्य की वृद्धि का संकेत देती है।
इन उपायों से पूरे साल बनी रहेगी आर्थिक समृद्धि
खरमास में शुभ कार्य वर्जित हैं, लेकिन खरमास शुरू होने से पहले ये वस्तुएं घर में लाना और स्थापित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ये उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखते हैं, नकारात्मकता दूर करते हैं और खरमास के बाद धन-समृद्धि के योग मजबूत करते हैं। इन चीजों को लाने के साथ घर में नियमित साफ-सफाई, दीपक जलाना और सकारात्मक सोच रखना भी जरूरी है। चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के समय इन उपायों को अपनाने से पूरे साल घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है।
इन आसान वास्तु उपायों को अपनाकर आप खरमास के नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं और धन-धान्य की वृद्धि कर सकते हैं।




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