Basant Panchami Time from 07:13 am Saraswati Pooja Vidhi mantra Upay Kab hai Basant Panchami ka muhurat 2026 Basant Panchami: बसंत पंचमी पर सुबह 07:13 बजे से सरस्वती पूजा का उत्तम मुहूर्त, जानें मंत्र, भोग व उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Basant Panchami: बसंत पंचमी पर सुबह 07:13 बजे से सरस्वती पूजा का उत्तम मुहूर्त, जानें मंत्र, भोग व उपाय

Basant Panchami Time, Basant Panchami ka muhurat: माता सरस्वती को कला, ज्ञान, संगीत की देवी माना जाता है। जिस दिन पञ्चमी तिथि सूर्योदय और दोपहर के बीच में व्याप्त रहती है, उस दिन को सरस्वती पूजा के लिये उत्तम माना जाता है।

Fri, 23 Jan 2026 05:01 AMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Basant Panchami: बसंत पंचमी पर सुबह 07:13 बजे से सरस्वती पूजा का उत्तम मुहूर्त, जानें मंत्र, भोग व उपाय

Basant Panchami Time, Basant Panchami ka muhurat 2026: देवी सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी की पूजा इस साल शुक्रवार के दिन कि जाएगी। बसंत पंचमी को श्री पञ्चमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। माता सरस्वती को कला, ज्ञान, संगीत, और विज्ञान की देवी माना जाता है। जिस दिन पञ्चमी तिथि सूर्योदय और दोपहर के बीच में व्याप्त रहती है, उस दिन को सरस्वती पूजा के लिये उत्तम माना जाता है। ऐसे में इस साल 23 जनवरी के दिन बसंत पंचमी का त्योहार उल्लास के साथ मनाया जाएगा। आइए जानते हैं बसंत पंचमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, भोग, उपाय व सबकुछ-

बसंत पंचमी पर सुबह 07:13 बजे से सरस्वती पूजा का उत्तम मुहूर्त, जानें मंत्र, भोग व उपाय

​बसंत पंचमी को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि की शुरुआत 23 जनवरी को तड़के 02:28 बजे पर होगी और इसका समापन 24 जनवरी को 01:46 की मध्य रात्रि पर होगा। उदयातिथि के महत्व के कारण पूजा 23 जनवरी को ही की जाएगी। पंडित धर्मेन्द्र झा ने बताया कि ​पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 07:13 से दोपहर 12:33 बजे तक बन रहा है, जबकि ​अमृत काल अर्थात सर्वोत्तम समय सुबह 09:19 से 10:40 बजे तक बन रहा है। ​

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सरस्वती पूजा के मंत्र

  1. या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
  2. ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः (बीज मंत्र)
  3. ॐ सरस्वत्यै नमः

भोग- बसंत पंचमी के सीन मां सरस्वती को सफेद व पीली चीजों का भोग लगाएं, जैसे मौसी फल, सात्विक खीर, हलवा, केसर की खीर, मिश्री, दही, पंचामृत, ड्राई फ्रूइट्स आदि

उपाय- बसंत पंचमी के दिन श्री सरस्वती चालीसा का पाठ करें व पीली चीजों का दान करें।

बसंत पंचमी का महत्व: मान्यता है कि मां सरस्वती के जन्मदिन तथा रति व कामदेव के पृथ्वी पर आगमन के रूप में बसंत पंचमी मनाई जाती है। इसलिए दंपति रति और कामदेव का भी इस दिन पूजन करते हैं, जिससे वैवाहिक जीवन में किसी तरह का कष्ट न आए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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