Solar Eclipse: अगस्त में लगेगा साल का दूसरा सूर्यग्रहण? जानें डेट, टाइमिंग और सूतक काल समेत 5 जरूरी बातें
Surya grahan kab hai 2026 in india: जल्द ही साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसका देश-दुनिया के साथ मानव जीवन पर भी प्रभाव देखने को मिलेगा। जानें इस ग्रहण से जुड़ी 5 खास बातें-

Surya Grahan 2026 August Date and Time in India: अगस्त 2026 में साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है। सूर्य ग्रहण का आम लोगों से लेकर खगोल वैज्ञानिकों को भी इंतजार है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को महत्वपूर्ण घटना माना जाता है, जिसका प्रभाव देश-दुनिया से लेकर सभी 12 राशियों पर भी पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक अशुभ घटना माना गया है। यह ग्रहण कर्क राशि में लगेगा, जिसके कारण इस राशि के लोग ज्यादा प्रभावित होंगे। सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या के दिन ही होता है। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।
जानें अगस्त में लगने वाले साल के दूसरे सूर्य ग्रहण से जुड़ी 5 जरूरी बातें-
1. अगस्त में सूर्य ग्रहण किस दिन लगेगा: साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है। इस दिन हरियाली अमावस्या भी है। यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने वाला है।
2. भारत में सूर्य ग्रहण का समय क्या है: भारतीय समयानुसार, साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को रात 09 बजकर 04 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 की सुबह 04 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
3. क्या भारत में नजर आएगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। भारत में दिखाई न देने के कारण ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
4. किन-किन देशों में नजर आएगा सूर्य ग्रहण: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, आर्कटिक क्षेत्र और उत्तरी स्पेन समेत यूरोप के कई हिस्सों में नजर आएगा। इसके अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, इटली समेत यूरोप के कई देशों में भी यह आंशिक रूप से नजर आएगा।
5. सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए: सूर्य ग्रहण के समय ज्यादा से ज्यादा प्रभु का ध्यान लगाना चाहिए। मंत्रों का जाप करना चाहिए। ग्रहण के समय भोजन बनाने व सेवन करने से बचना चाहिए। ग्रहण काल में प्रेग्नेंट महिलाओं को खास सावधानी बरतनी चाहिए, इस समय धारदार व नुकीली वस्तुएं के प्रयोग से बचना चाहिए। अगर बहुत जरूरी नहीं हो, तो बाहर निकलने से बचना चाहिए।
सूर्य ग्रहण क्या है: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, यह उस समय होती है जब पृथ्वी, चांद और सूर्य एक सीध में आ जाते हैं। चांदी के बीच में होने के कारण यह सूर्य की रोशनी को पूर्ण या आंशिक रूप से ढक लेता है। जिसके कारण आसमान में दिन के समय अंधेरा जैसा होने लगता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




साइन इन