angarak chaturthi vrat 2026 rare yoga ganesha hanuman mangal puja and lal phool ke upay Angarak Chaturthi Vrat: गणेश जी के साथ ही आज बन रहा हनुमान जी और मंगल ग्रह पूजा दुर्लभ योग, लाल फूल से जरूर करें ये उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Angarak Chaturthi Vrat: गणेश जी के साथ ही आज बन रहा हनुमान जी और मंगल ग्रह पूजा दुर्लभ योग, लाल फूल से जरूर करें ये उपाय

अंगारक चतुर्थी व्रत पर गणेश जी के साथ हनुमान जी और मंगल ग्रह की पूजा का दुर्लभ योग बन रहा है। इस शुभ संयोग में पूजा करने से विघ्न नाश और सफलता मिलती है। आइए जानते हैं लाल फूल, हनुमान चालीसा और मंत्र जप से मंगल दोष शांत करने के सरल उपाय।

Tue, 5 May 2026 10:48 AMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Angarak Chaturthi Vrat: गणेश जी के साथ ही आज बन रहा हनुमान जी और मंगल ग्रह पूजा दुर्लभ योग, लाल फूल से जरूर करें ये उपाय

आज 5 मई 2026, को ज्येष्ठ माह का मंगलवार है और कृष्ण चतुर्थी भी है। बड़े मंगल के साथ आज गणेश चतुर्थी का पर्व और मंगलवार का दिन दुर्लभ संयोग बना रहे हैं। गणेश चतुर्थी जब मंगलवार को पड़ती है, तो इसे अंगारक चतुर्थी कहा जाता है। इस विशेष संयोग में गणेश जी के साथ हनुमान जी और मंगल ग्रह की पूजा का भी अत्यधिक महत्व है। इस योग में किए गए उपाय शीघ्र फल देते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं।

अंगारक चतुर्थी का महत्व

चतुर्थी तिथि के स्वामी स्वयं गणेश जी हैं। जब यह तिथि मंगलवार के साथ जुड़ती है, तो मंगल ग्रह की ऊर्जा भी सक्रिय हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा से विघ्न दूर होते हैं, हनुमान जी की पूजा से साहस और सुरक्षा मिलती है, जबकि मंगल ग्रह की पूजा से क्रोध, विवाद और मंगल दोष से मुक्ति मिलती है।

गणेश जी की पूजा विधि

अंगारक चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा बड़ी श्रद्धा से की जाती है। घर के मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। उन्हें जल, दूध और फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं। चंदन, दूर्वा, लाल फूल, मोदक (लड्डू) और फल चढ़ाएं।

गणेश जी के 12 नामों वाले मंत्रों का जाप करें:

ऊँ सुमुखाय नम:

ऊँ एकदंताय नम:

ऊँ कपिलाय नम:

ऊँ गजकर्णाय नम:

ऊँ लंबोदराय नम:

ऊँ विकटाय नम:

ऊँ विघ्ननाशाय नम:

ऊँ विनायकाय नम:

ऊँ धूम्रकेतवे नम:

ऊँ गणाध्यक्षाय नम:

ऊँ भालचंद्राय नम:

ऊँ गजाननाय नम:

इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती करें और अंत में क्षमा याचना करें। पूजा के बाद प्रसाद बांटें।

हनुमान जी और मंगल ग्रह की पूजा

इस दुर्लभ योग में हनुमान जी की पूजा भी जरूर करें। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। लाल फूल, सिंदूर, लड्डू और केला चढ़ाएं। वहीं मंगल ग्रह की पूजा शिवलिंग के रूप में की जाती है। ऐसे में शिवलिंग पर जलाभिषेक करें, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और लाल फूल जरूर चढ़ाएं। 'ॐ अं अंगारकाय नमः' मंत्र का जाप करें। लाल मसूर दाल का दान करना भी विशेष फलदायी है।

अगर आपकी कुंडली में मंगल ग्रह से संबंधित कोई दोष है, तो आज लाल फूल से पूजा करना और लाल मसूर की दाल जरूरतमंद को दान करना बहुत शुभ फल देगा।

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अंगारक चतुर्थी के विशेष उपाय

हनुमान जी को बूंदी के लड्डू और केला जरूर चढ़ाएं। मंगल दोष से पीड़ित लोग इस दिन लाल मसूर दाल का दान करें। घर में सात्विक भोजन करें और तामसिक चीजों से दूर रहें। शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करें।

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किन लोगों को खास फायदा

अंगारक चतुर्थी का यह योग मंगल दोष, विवाह में देरी, क्रोध, आर्थिक परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ है। इस दिन गणेश जी, हनुमान जी और मंगल ग्रह की पूजा करने से शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम दिखने लगते हैं।

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5 मई 2026 को बन रहे इस दुर्लभ अंगारक चतुर्थी योग का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। गणेश जी की पूजा से विघ्न दूर होंगे, हनुमान जी की कृपा से साहस और सुरक्षा मिलेगी और मंगल ग्रह की पूजा से जीवन की समस्याएं कम होंगी। लाल फूल, श्रद्धा और सात्विक भाव से की गई पूजा अवश्य फल देगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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