Who is Nawsad Siddique Mulim MLA in Bengal notorious Bhangar Big threat for BJP and TMC Mamata Bannerjee बंगाल की वो सीट जहां नहीं गलती BJP-TMC की दाल, यह मुस्लिम देता है ममता बनर्जी को खुला चैलेंज, West-bengal Hindi News - Hindustan
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बंगाल की वो सीट जहां नहीं गलती BJP-TMC की दाल, यह मुस्लिम देता है ममता बनर्जी को खुला चैलेंज

वैसे तो पश्चिम बंगाल में टक्कर भाजपा और टीएमसी के बीच है। लेकिन एक सीट ऐसी भी है, जहां न तो टीएमसी की दाल गलती है और न ही भाजपा की। यह सीट है भानगढ़।

Tue, 28 April 2026 02:57 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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बंगाल की वो सीट जहां नहीं गलती BJP-TMC की दाल, यह मुस्लिम देता है ममता बनर्जी को खुला चैलेंज

वैसे तो पश्चिम बंगाल में टक्कर भाजपा और टीएमसी के बीच है। लेकिन एक सीट ऐसी भी है, जहां न तो टीएमसी की दाल गलती है और न ही भाजपा की। यह सीट है भानगढ़। यहां पर वर्तमान में विधायक हैं, नौशाद सिद्दिकी, जो इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के टिकट पर चुने गए थे। आलम यह है कि अपने मजबूत गढ़, दक्षिण 24 परगना जिले में भी ममता बनर्जी की पार्टी यहां से जीत नहीं हासिल कर पाई है। खास बात यह है कि नौशाद सिद्दिकी के फैनबेस में मुस्लिमों के साथ हिंदू भी शामिल हैं और वह खुले तौर ममता बनर्जी को चुनौती देते हैं।

दूसरे चरण में डाले जाएंगे वोट
भानगढ़ सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे। यह विधानसभा क्षेत्र सियासी हिंसा के लिए कुख्यात है। सिर्फ चुनावी समय में ही नहीं, बल्कि पूरे साल ही यहां पर राजनीतिक झड़पें, जमीनी झगड़े, स्थानीय निवासियों में और अधिकारियों के बीच टकराव होता ही रहता है। 2016-17 में पावर ग्रिड प्रोजेक्ट को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इसमें पुलिस ने फायरिंग की थी और कई मौतें हुई थीं। हालिया घटनाओं की बात करें तो टीएमसी के ब्लॉक अध्यक्ष रज्जाक की पिछले साल मौत हो गई थी। वहीं, टीएमसी से जुड़े एक व्यक्ति के घर से सैकड़ों की संख्या में बम बरामद किया गया था।

फुरफुरा शरीफ से है ताल्लुक
नौशाद सिद्दिकी की उम्र सिर्फ 33 साल है। उन्होंने इस चुनाव में भी 33 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। नौशाद की गठबंधन लेफ्ट फ्रंट के साथ है। दो मई, 1993 को जन्मे नौशाद, एक जाने-माने धार्मिक परिवार से आते हैं। वह एक बंगाली इस्लामी विद्वान, मोहम्मद अबू बकर सिद्दिकी के पड़पोते हैं। मोहम्मद अबू बकर, पश्चिम बंगाल की फुरफुरा शरीफ में पीर थे। वहीं, नौशाद के पिता अली अकबर सिद्दिकी, पीर जुल्फिकार अली के बेटे हैं, जो फुरफुरा शरीफ के छोटे हुजूर के रूप में जाने जाते हैं। बता दें कि फुरफुरा शरीफ की बंगाली मुसलमानों में काफी मान्यता है।

प्रमुख मुद्दों पर क्या बोले नौशाद सिद्दिकी
नौशाद सिद्दिकी, भानगढ़ के रघुनाथपुर में एक रैली में शामिल होने पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने थार के सनरूफ से लोगों का अभिवादन किया। यहीं पर हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में उन्होंने यहां के प्रमुख मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहाकि ममता बनर्जी की उम्र हो चुकी है। अब समय आ चुका है कि वह दूसरों को जिम्मेदारियां सौंप दें। नौशाद ने कहाकि शिक्षा व्यवस्था खराब हो चुकी है। किसानों की पेमेंट अटकी पड़ी है। मिडडे मील प्रभावित है। हर तरफ भ्रष्टाचार है। इसलिए बेहतर होगा कि मुख्यमंत्री अब गद्दी छोड़ें और दूसरों को जिम्मेदारी निभाने दें।

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एसआईआर पर क्या कहा
एसआईआर को लेकर भी नौशाद सिद्दिकी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहाकि सिर्फ मुस्लिमों ही नहीं, बल्कि गैर मुस्लिम वोटरों के नाम भी काटे गए हैं। हालांकि प्रभावित होने वालों में मुस्लिम ही ज्यादा हैं। उन्होंने कहाकि कुल 27 लाख नाम डिलीट हुए हैं। इसमें 17 लाख मुस्लिमों और 10 लाख गैर मुस्लिमों के हैं। नौशाद ने कहाकि वोटों के कटने का सबसे ज्यादा फायदा भाजपा को होगा। वहीं, इसका डर दिखाकर टीएमसी भी फायदा उठाने की कोशिश करेगी। सिद्दिकी ने कहाकि लोग अब भाजपा या टीएमसी से हटकर लेफ्ट फ्रंट और आईएसएफ को विकल्प के रूप में देख रहे हैं।