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बंगाल में मतगणना से पहले BJP का खास प्लान; सभी उम्मीदवार कल जाएंगे मंदिर और...

बीजेपी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रविवार को सारे कैंडिडेट्स अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। साथ ही, सभी विधानसभा क्षेत्रों में महिलाएं स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगी।

Sat, 2 May 2026 07:28 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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बंगाल में मतगणना से पहले BJP का खास प्लान; सभी उम्मीदवार कल जाएंगे मंदिर और...

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने अपने सभी विधानसभा उम्मीदवारों के लिए खास घोषणा की है। इसमें कहा गया है कि रविवार को सारे कैंडिडेट्स अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। साथ ही, सभी विधानसभा क्षेत्रों में महिलाएं स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती 4 मई को होनी है।

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इस बीच, पश्चिम बंगाल में मतगणना के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तैनाती को लेकर निर्वाचन आयोग के सर्कुलर पर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने इसका स्वागत किया और इसे अपने पक्ष में बताया। एससी ने कहा कि मतगणना के लिए केंद्र सरकार के कर्मियों की तैनाती संबंधी ईसी के सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका पर किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है। इसमें तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर से याचिका खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।

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मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर हंगामा

भाजपा नेता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने एक और कानूनी झटका देते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना पर्यवेक्षक की जिम्मेदारियों से राज्य सरकार के कर्मियों को बाहर रखे जाने को चुनौती देते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और तत्काल सुनवाई की मांग की थी। इस याचिका पर सुनवाई से इनकार एक स्पष्ट संदेश है कि मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करने या उस पर संदेह पैदा करने के प्रयासों को किसी भी सूरत में वैधता नहीं मिलेगी। एक और दिन ममता बनर्जी के लिए एक और न्यायिक हार।'

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हालांकि, तृणमूल ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों ने उसके रुख को सही साबित किया है। पार्टी ने एक बयान में कहा, 'एससी के समक्ष उठाया गया मुद्दा सर्कुलर के उस क्रियान्वयन से संबंधित था, जिसके तहत मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना सहायक के पदों पर केवल केंद्र सरकार व केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को ही नियुक्त किया जा रहा था।' तृणमूल ने कहा कि यह बात उठाई गई कि ऐसी व्याख्या और क्रियान्वयन निष्पक्ष व संतुलित मतगणना प्रक्रिया के मूल ढांचे के विरुद्ध है।