west bengal election eci action mamata banerjee speech CRPF inspector suspended चुनाव आयोग के रडार पर CM ममता! CRPF जवानों को धमकाने का आरोप, भाषण पर मांगी रिपोर्ट, West-bengal Hindi News - Hindustan
More

चुनाव आयोग के रडार पर CM ममता! CRPF जवानों को धमकाने का आरोप, भाषण पर मांगी रिपोर्ट

चुनाव से पहले चुनाव आयोग (ECI) सख्त। ममता बनर्जी के विवादित भाषण पर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब की है, वहीं बासंती में चुनावी हिंसा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें।

Sat, 28 March 2026 07:55 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
share
चुनाव आयोग के रडार पर CM ममता! CRPF जवानों को धमकाने का आरोप, भाषण पर मांगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में सियासी सरगर्मियां और चुनावी हिंसा को लेकर तनाव तेज हो गया है। चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त कदम उठाते हुए जहां एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक भाषण पर रिपोर्ट तलब की है, वहीं दूसरी तरफ कर्तव्य में घोर लापरवाही के आरोप में एक पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।

ममता बनर्जी के भाषण पर रिपोर्ट तलब

भारत के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया भाषण को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है। यह भाषण दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी स्थित नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल मैदान में एक जनसभा के दौरान दिया गया था।

क्या है आरोप?

चुनाव आयोग का दावा है कि भाषण के वीडियो में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कथित तौर पर सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को धमकाती नजर आ रही हैं। उन्होंने सभी महिलाओं और लड़कियों से मतदान केंद्रों पर मौजूद रहने को कहा और यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़े, तो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए घरेलू रसोई के उपकरणों का इस्तेमाल करें।

बासंती पुलिस स्टेशन के प्रभारी निलंबित

इस बीच चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए बासंती पुलिस स्टेशन के प्रभारी इंस्पेक्टर अविजित पॉल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 26 मार्च को दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती बाजार (बरुईपुर पुलिस जिला) इलाके में हुई हिंसक घटना के बाद की गई है। इस हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। यह हिंसा तब भड़की थी, जब बासंती विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार का चुनाव प्रचार चल रहा था।

चुनाव आयोग का बयान

आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पूर्व सूचना होने के बावजूद इंस्पेक्टर अविजित पॉल पर्याप्त पुलिस व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल रहे। पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की उपलब्धता के बावजूद, उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए CAPF की मांग नहीं की, जो उनकी ओर से गंभीर लापरवाही और ड्यूटी में कोताही को दर्शाता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:रामनवमी पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा, आगजनी के बाद पुलिस तैनात
ये भी पढ़ें:बंगाल में BJP की रैली में हिंसा के बाद ऐक्शन में ECI, थाना प्रभारी सस्पेंड
ये भी पढ़ें:GPS, जियो टैगिंग-CAPF; बंगाल चुनाव में EC का क्या है फुल प्रूफ सुरक्षा का प्लान

भाजपा सांसद का टीएमसी पर हमला

इस हिंसक घटना की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को "जिहादियों" और गुंडों पर सुनियोजित हमले का आरोप लगाया। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए देब ने दावा किया कि बड़ी संख्या में ज्ञात हमलावरों ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। जब पुलिस और सुरक्षा बलों ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो उन पर भी हमला किया गया।

टीएमसी पर आरोप: उन्होंने राज्य में हिंसा का माहौल बनाने के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "बड़ी संख्या में जिहादियों ने, जिनके नाम पहचाने जा चुके हैं, हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में जो गुंडों और जिहादियों का साम्राज्य खड़ा किया गया है, वही इस घटना का मुख्य कारण है, जो बासंती बाजार में देखने को मिला।" गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य में दो चरणों में- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होना है। दोनों चरणों के वोटों की गिनती 4 मई को निर्धारित की गई है।