बंगाल: बसंती बाजार में BJP की रैली के दौरान हिंसा पर ऐक्शन में चुनाव आयोग, थाना प्रभारी सस्पेंड
पश्चिम बंगाल के बसंती बाजार इलाके में भाजपा की रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए स्थानीय थानाधिकारी को काम में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है।

West Bengal election: पश्चिम बंगाल में भाजपा की रैली के दौरान हुई हिंसा पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। बसंती बाजार इलाके में हुई इस घटना पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने थाना प्रभावी अविजीत पाल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पाल पर आरोप है कि दो राजनीतिक दलों के सार्वजनिक कार्यक्रम की पूर्व जानकारी होने के बाद भी उन्होंने पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था नहीं की। इसके अलावा, CAPF के उपलब्ध होने के बाद भी उन्होंने उसकी मांग नहीं की।
दरअसल, विधानसभा चुनाव को लेकर गुरुवार को बसंती बाजार इलाके में भाजपा की रैली के दौरान टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच में झड़प हो गई थी। इस हिंसा में एक सब-इंस्पेक्टर समेत कम से कम आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद हुए एक्शन में पुलिस ने करीब आठ लोगो को हिरासत में ले लिया था।
इस क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार ने इस हिंसा का आरोप राज्य की सत्ताधारी टीएमसी पार्टी के ऊपर लगाया। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान टीएमसी के समर्थन से आई भीड़ ने उनके और भाजपा समर्थकों के ऊपर लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने कहा, "इस हमले के दौरान पुलिसकर्मी बीच में फंस गए, जिसके कारण उनमें से अधिक लोग घायल हो गए। हमारे भी तीन कार्यकर्ता घायल हुए है इसके अलावा तीन मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
भाजपा की तरफ से लगाए गए इन आरोपों से तृणमूल कांग्रेस ने इनकार किया है। रैली पर हुए हमले को जनता में भाजपा के खिलाफ उभरते हुए गुस्से का परिणाम बताया। इस हिंसा के बाद राज्य की राजनीति और भी ज्यादा गर्म हो गई। भाजपा के तमाम पदाधिकारियों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की। चुनाव आयोग ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए डीजीपी से रिपोर्ट मांगी कि आखिर केंद्रीय बलों की तैनाती में देरी क्यों हुई। अब जबकि रिपोर्ट सामने आई है, तो आयोग ने बसंती थाना क्षेत्र के अधिकारी को निलंबित कर दिया है।




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