Shaam Tak Khali karen tourist spot First time Election Commission given such order just ahead Election in West Bengal फौरन खाली कर दें पर्यटक स्थल, तट और रिसॉर्ट; EC ने बंगाल में पहली बार दिए ऐसे आदेश, कब तक रहेगा लागू?, West-bengal Hindi News - Hindustan
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फौरन खाली कर दें पर्यटक स्थल, तट और रिसॉर्ट; EC ने बंगाल में पहली बार दिए ऐसे आदेश, कब तक रहेगा लागू?

West Bengal Poll Updates: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पर्यटकों को भी इलाका खाली करने के लिए कहने के पीछे का तर्क यह आशंका है कि कुछ बाहरी लोग अशांति फैला सकते हैं।

Tue, 21 April 2026 09:11 PMPramod Praveen हिन्दुस्तान टाइम्स, कोलकाता
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फौरन खाली कर दें पर्यटक स्थल, तट और रिसॉर्ट; EC ने बंगाल में पहली बार दिए ऐसे आदेश, कब तक रहेगा लागू?

West Bengal Poll Updates EC order: पश्चिम बंगाल में पहले चरण के विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने पहली बार एक खास किस्म का आदेश जारी किया है। इसके तहत आयोग ने बंगाल के पर्यटक स्थलों को खाली करने का आदेश दिया है। आयोग के निर्देश के मुताबिक, पर्यटकों और गैर-निवासियों को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के लोकप्रिय तटीय स्थलों यानी दीघा, मंदारमणि, ताजपुर, उदयपुर और शंकरपुर को खाली करने का आदेश दिया है। बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश में होटलों को भी निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके कमरों में कोई भी ऐसा व्यक्ति न ठहरे जो उस जिले का निवासी न हो। आदेश में कहा गया है कि यह व्यवस्था मंगलवार शाम 6 बजे से लेकर 23 अप्रैल को मतदान समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी।

पूर्वी मेदिनीपुर का तटीय इलाका साल भर पर्यटकों को आकर्षित करता है और यह पश्चिम बंगाल के सबसे अधिक देखे जाने वाले स्थलों में से एक है। अब आयोग के इस आदेश से, इस पूरे क्षेत्र में 48 घंटों के लिए पर्यटकों की गतिविधियाँ प्रभावी रूप से बंद हो जाएंग। यह एक असाधारण रूप से व्यापक प्रतिबंध है जो केवल मतदान से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं तक ही सीमित न रहकर अब आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्र को भी प्रभावित करने वाला है।

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प्रचारकों के रुकने पर भी पाबंदी

चुनाव निकाय के इस अभूतपूर्व आदेश में राजनीतिक दलों के प्रचारकों को भी इस अवधि के दौरान क्षेत्र में रुकने से स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है। इसमें कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर उसे 'भारतीय न्याय संहिता' की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा; इस धारा के तहत किसी लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवहेलना करने पर 6 से 12 महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान है।

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सोमवार रात से ही लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट

चुनाव निकाय के आधिकारिक आदेश के बाद, दीघा, दीघा मोहना और मंदारमणि तटरेखा के अंतर्गत आने वाले पुलिस थानों ने सोमवार रात से ही लाउडस्पीकर के माध्यम से सार्वजनिक घोषणाएँ करनी शुरू कर दी है, जिसमें पर्यटकों से मंगलवार शाम 6 बजे तक इन स्थलों को खाली करने का आग्रह किया जा रहा था। होटलों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति को न रुकने दें। इस आदेश के अंतर्गत आने वाले सभी पर्यटक स्थल रामनगर विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं; पिछली विधानसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व तृणमूल कांग्रेस के तीन बार के विधायक अखिल गिरि ने किया था।

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अपनी तरह का पहला आदेश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "वास्तविक पर्यटकों को भी इलाका खाली करने के लिए कहने के पीछे का तर्क यह आशंका है कि कुछ बाहरी लोग, जो अशांति फैलाने का इरादा रखते हैं, पर्यटन की आड़ में जिले में प्रवेश कर सकते हैं और मतदान के दौरान उपद्रव भड़का सकते हैं।" पर्यटकों को इलाका खाली करने का यह आदेश, ECI द्वारा किसी विधानसभा चुनाव के दौरान जारी किया गया अपनी तरह का पहला आदेश है।