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PM मोदी के झालमुड़ी खाने से बदला माहौल? अब दुकानदार की एक अपील; TMC की वहीं पर रैली

पीएम मोदी के पहुंचने के बाद झालमुड़ी खरीदने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके अलावा बड़ी संख्या में मीडिया वाले भी उनके पास पहुंच रहे हैं। इस बीच झालमुड़ी विक्रेता विक्रम साव ने जनता से अपील की है कि पीएम मोदी के यहां रुकने को राजनीतिक रंग ना दिया जाए।

Wed, 22 April 2026 10:31 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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PM मोदी के झालमुड़ी खाने से बदला माहौल? अब दुकानदार की एक अपील; TMC की वहीं पर रैली

पश्चिम बंगाल के झारग्राम में पीएम नरेंद्र मोदी का झालमुड़ी मोमेंट फिलहाल चुनाव का माहौल बदलता दिख रहा है। इसका चुनाव पर इतना असर हुआ है कि तृणमूल कांग्रेस ने भी उसी रोड से महिलाओं की रैली निकाली है, जहां मौजूद दुकान पर रुककर पीएम नरेंद्र मोदी ने झालमुड़ी खुलवाई थी। फिलहाल झालमुड़ी बेचने वाले दुकानदार विक्रम साव एक सिलेब्रिटी जैसा फील कर रहे हैं। उनके यहां आकर झालमुड़ी खरीदने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके अलावा बड़ी संख्या में मीडिया वाले भी उनके पास पहुंच रहे हैं। इस बीच झालमुड़ी विक्रेता विक्रम साव ने जनता से अपील की है कि पीएम मोदी के यहां रुकने को राजनीतिक रंग ना दिया जाए।

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी राजनीतिक ऐंगल न देखा जाए। विक्रम ने कहा कि मेरी दुकान पहले से यहां है और चर्चित है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के रुकने से पहले भी यहां बड़ी संख्या में लोग आते रहे हैं और मेरी दुकान फेमस रही है। ऐसे में हर राजनीतिक दल से जुड़े लोग मेरे यहां आते रहे हैं। इस तरह उन्होंने बंगाल चुनाव में किसी एक पक्ष में जाने से बचने की कोशिश की है। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि बंगाल चुनाव में जिस विक्रम साव की इतनी चर्चा होने लगी है, वह खुद बिहार के गया के रहने वाले हैं। यही नहीं 12 साल पहले बंगाल आए विक्रम अब भी बिहार के ही मतदाता हैं और चुनाव आने पर वोट डालने के लिए अकसर जाते हैं।

फिर भी पीएम मोदी के झालमुड़ी मोमेंट ने बंगाल चुनाव का ट्रेंड तो बदला है। हालात ऐसे हैं कि रविवार को पीएम मोदी ने रुककर झालमुड़ी खाई थी और टीएमसी ने अगले ही दिन उसी रोड पर रैली निकलवा दी। इस रैली के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क के दोनों ओर प्लेकार्ड्स लिए खड़ी थीं। इनमें लिखा था कि 'भाजपा के देबो ना' यानी भाजपा को वोट नहीं देंगे। इसके अलावा आदिवासी महानायकों की तस्वीरें भी इन लोगों के हाथों में थीं। इस तरह टीएमसी ने झारग्राम में यह संदेश देने की कोशिश की कि आदिवासियों का हित वही देखती है।

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विक्रम साव की अपील- पीएम के रुकने में राजनीति ना देखें

विक्रम साव ने तो साफ तौर पर अपील की है कि कृपया मेरे यहां पीएम के रुकने को राजनीतिक चश्मे से न देखें। उन्होंने कहा कि इस दुकान पर सभी दलों के लोग पहले भी आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी दुकान पहले भी अच्छी चलती थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। इसके अलावा इतने फोन आते हैं कि मेरे लिए बात करना संभव नहीं है और मैंने अंत में फोन को ही स्विच ऑफ कर लिया है।

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