बंगाल में सियासी लड़ाई अब मतगणना केंद्रों पर आई, VC से लेकर बूथ तैनाती तक TMC की क्या तैयारी?
TMC की यह बैठक शनिवार शाम चार बजे निर्धारित है और इसमें सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा मैदान में उतारे गए 291 विधानसभा क्षेत्रों के मतगणना एजेंट शामिल होंगे। इसका मकसद रणनीति को मज़बूत करना और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है।

पश्चिम बंगाल में सियासी लड़ाई अब मतगणना केंद्रों पर आ टिकी है। गुरुवार की रात से ही कई मतगणना केंद्रों पर इसका असर दिखने लगा है। इस बीच, चुनौतीपूर्ण एग्जिट पोल के नतीजों के बाद,सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेतृत्व ने मतगणना के दिन से पहले अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा चुनाव की मतगणना से दो दिन पहले यानी शनिवार (2 मई) की शाम अपनी पार्टी के सभी मतगणना एजेंटों के साथ 'वर्चुअल' मीटिंग (VC) बुलाई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी। इसका मकसद रणनीति को मजबूत करना और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है।
यह बैठक शनिवार शाम चार बजे निर्धारित है और इसमें सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा मैदान में उतारे गए 291 विधानसभा क्षेत्रों के मतगणना एजेंट शामिल होंगे। दार्जिलिंग पहाड़ियों की शेष तीन सीटों पर अनित थापा के नेतृत्व वाले 'भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा' (बीजीपीएम) ने चुनाव लड़ा था। 'वर्चुअल' बैठक में बनर्जी मतगणना एजेंटों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चार मई को मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो।
मतगणना केंद्रों पर समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मतदाता सूची के संशोधन के दौरान इस तरह की वर्चुअल बातचीत नियमित रूप से होती रही है और बनर्जी ने नवंबर से फरवरी के बीच बूथ स्तर के एजेंटों के साथ कई बैठकें की हैं। हालांकि, मार्च में चुनाव की घोषणा के बाद उन्होंने ऐसी कोई बैठक नहीं की। चुनाव परिणामों की उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही, सत्तारूढ़ पार्टी का नेतृत्व मतगणना केंद्रों पर समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
काउंटिंग सेंटर पर इस बार क्यूआर कोड लागू
शनिवार को होने वाली वर्चुअल बैठक को यह सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है कि मतगणना एजेंट पूरी तरह तैयार और सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि इस बैठक में मतगणना प्रक्रिया के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा होगी, जिसमें मतगणना के चरणों की संख्या और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को सुरक्षित कक्षों से बाहर निकालने के बाद पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना एजेंटों को मोबाइल का उपयोग करने में सक्षम बनने के लिए कहा जाएगा, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने इस बार मतगणना के दौरान सुरक्षा उपायों के तहत क्यूआर कोड लागू किए हैं।
बता दें कि गुरुवार को, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पार्टी के सभी उम्मीदवारों को निर्देश दिया था कि वे उन 'स्ट्रांग रूम' पर कड़ी नज़र रखें जहाँ EVM रखी गई हैं। यह निर्देश चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को सुरक्षित रखने पर पार्टी के ज़ोर को दिखाता है। TMC की यह कवायद और बूथों पर मुस्तैदी एक स्ट्रन्गरूम में ईवीएम से छेड़छाड़ की खबरों के बाद तेज हुई है।




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