बंगाल की ‘बाबरी मस्जिद’ वाली जगह पर पढ़ी गई नमाज, क्यों नहीं पहुंच पाए हुमायूं कबीर?
बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद वाली जमीन पर भी ईद के मौके पर नमाज पढ़ी गई। इस मौके पर कई जिलों से लोग यहां पहुंचे। हालांकि हुमायूं कबीर व्यवस्तता के चलते यहां नहीं पहुंच पाए।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 'बाबरी मस्जिद' के लिए प्रस्तावित भूमि पर ईद के मौके पर पहली बार नमाज पढ़ी गई। मुर्शिदाबाद के अलावा बीरभूम, नादिया, पूर्वी मिदनापुर जिलों से बड़ी संख्या में लोग यहां नमाज पढ़ने पहुंचे थे। रिपोर्ट के मुताबिक बहुत सारे लोग झारखंड से भी मुर्शिदाबाद आए थे। हालांकि मस्जिद की नींव रखने वाले आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर नमाज में शामिल नहीं हो पाए। बताया गया कि उन्हें कई अन्य कार्यक्रमों में शामिल होना था।
एक नमाजी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हमें बहुत खुशी है कि ईद के मौके पर यहां पर नमाज पढ़ी गई। यहां लोग पूरे राज्य से ही नहीं बल्कि झारखंड से भी आए थे। नमाज के बाद बंगाल की मिठाई बांटी गई। एक अन्य शख्स ने कहा, जब मस्जिद की नींव रखी गई थी, तब भी मैं यहां आया था। आज दूसरी बार आना हुआ है। यहां आकर अच्छा लगता है। ऊपर से मौसम भी सुहाना हो गया था। बिना किसी व्यवधान के लोगों ने नमाज पढ़ी।
मुस्लिम सीएम का भी दावा कर चुके हैं हुमयूं कबीर
बता दें कि गुरुवार को ही हुमायूं कबीर ने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि मुर्शिदाबाद में नयी बाबरी मस्जिद के निर्माण का भावनात्मक मुद्दा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश की आजादी के बाद, पहली बार राज्य में शासन की बागडोर एक मुस्लिम मुख्यमंत्री के हाथों में होगी, या इस समुदाय से उपमुख्यमंत्री होगा।
कबीर ने कहा था कि उनका दल आम जनता उन्नयन पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठबंधन के तहत 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और खंडित जनादेश आने की स्थिति में सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। कबीर ने कहा, ''अगर हमारी पार्टी सरकार बनाती है तो पहली बार कोई मुस्लिम मुख्यमंत्री बनेगा। लेकिन अगर हम सरकार नहीं भी बनाते हैं तो भी हमारे पास इतना संख्या बल होगा कि हमारे बिना कोई सरकार नहीं बन पाएगी।'
उन्होंने कहा, 'ऐसी स्थिति में, मैं उपमुख्यमंत्री पद की मांग करूंगा। मैं यह स्पष्ट रूप से कह रहा हूं कि इस चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में मुस्लिम उपमुख्यमंत्री जरूर बनेगा, भले ही मुख्यमंत्री न बने। आप ये मुझसे लिखित में ले सकते हैं।'
कबीर को तृणमूल नेतृत्व के साथ हुए मतभेदों के कारण पिछले साल पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने अयोध्या में ध्वस्त की गई बाबरी मस्जिद की तर्ज पर कुछ माह पहले मुर्शिदाबाद में एक मस्जिद के निर्माण का प्रस्ताव रखकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। हालांकि, सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों, दोनों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।




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