पहलगाम में 26 लोगों को गोली मारी, तब कहां थी सुरक्षा; बंगाल में 2 लाख सुरक्षाकर्मी भेजने पर ममता बनर्जी
TMC चीफ ममता बनर्जी ने कहा, 'मोदी और शाह के निर्देश पर बंगाल में 2 लाख से ज्यादा केंद्रीय बल और कश्मीर में इस्तेमाल होने वाले आर्मी आर्मर्ड वाहन लाए गए हैं। सिर्फ राज्य के चुनाव के लिए। ये बताएं कि पहलगाम हमले के दौरान सुरक्षा कहां थी।'

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए आर्मर्ड वाहन भेजे, लेकिन एक साल पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले को रोकने में नाकाम रही। रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। PM मोदी के इस बयान पर कि राज्य के शहरों और अन्य इलाकों में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं, ममता ने इसे झूठ का पुलिंदा बताया।
TMC चीफ ममता बनर्जी ने कहा, 'मोदी और शाह के निर्देश पर बंगाल में 2 लाख से ज्यादा केंद्रीय बल और कश्मीर में इस्तेमाल होने वाले आर्मी आर्मर्ड वाहन लाए गए हैं। सिर्फ राज्य के चुनाव के लिए। ये बताएं कि जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने पहलगाम में 26 लोगों को गोली मारी, तब सुरक्षा कहां थी?" उन्होंने बलों की तैनाती में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने एक पार्टी के प्रति वफादार पुलिस अधिकारी बुलाए हैं। 4 मई के बाद ये अधिकारी शायद जिम्मेदारी में नहीं रहेंगे।
ममता बनर्जी ने महिला मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान और गिनती के दौरान सतर्क रहें। उन्होंने ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए कहा, 'मतदान के बाद दो दिन खाना बनाने की कीमत पर भी मतदान केंद्रों और गिनती केंद्रों पर नजर रखें। याद रखें, केंद्रीय बल भी चुनाव आयोग के निर्देश पर काम कर रहे हैं।' उन्होंने रासबिहारी क्षेत्र के पुरुष मतदाताओं से कहा कि वे भाजपा के जाल में न फंसें और महिलाएं शांतिपूर्वक बूथ की सुरक्षा का नेतृत्व करें।
TMC चीफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि 27 अप्रैल से मतदान के दिन तक पड़ोसी एनडीए शासित राज्यों (बिहार और ओडिशा) से कोई बाहरी व्यक्ति मतदान क्षेत्र में नहीं रहना चाहिए। मेरी जानकारी के अनुसार, कल पुलिस और बलों की जांच के बावजूद ओडिशा से भबानीपुर में 300 करोड़ रुपये भेजे गए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्होंने चुनाव आयोग की सैकड़ों टीएमसी कार्यकर्ताओं की पूर्व-निवारक गिरफ्तारी की योजना को नाकाम कर दिया। हाईकोर्ट ने 30 मई तक कोई प्रिवेंटिव अरेस्ट नहीं करने का आदेश दिया है।




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