बंगाल में नतीजे से पहले आसनसोल में भी बवाल, स्ट्रॉन्ग रूम के पास लिफाफे में मिला मोबाइल
BJP ने TMC के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति को स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर मोबाइल फोन ले जाते हुए पकड़ा। बीजेपी नेताओं का कहना है कि स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर मोबाइल ले जाना सख्त मना है।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में मतगणना से ठीक पहले स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के पास एक लिफाफे में बंद मोबाइल फोन मिलने की खबर से राजनीतिक माहौल गरमा गया। बताया जा रहा है कि यह मोबाइल स्विच ऑफ था और इसके साथ रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले। इस घटना के सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
टीएमसी नेता अभिनव मुखर्जी ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विपक्ष की साजिश है, जिसका मकसद 4 मई को आने वाले चुनाव नतीजों से पहले उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस पर पूरा भरोसा है, लेकिन बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर टीएमसी को हराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आसनसोल की जनता सतर्क है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीजेपी ने टीएमसी पर लगाए आरोप
बीजेपी ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति को स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर मोबाइल फोन ले जाते हुए पकड़ा। बीजेपी नेताओं का कहना है कि स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर मोबाइल ले जाना सख्त मना है और उन्होंने इस प्रयास को विफल कर दिया। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि इलाके के कई अधिकारी टीएमसी से जुड़े हुए हैं और वही इस पूरे मामले के पीछे हो सकते हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चल रही बहस और तेज हो गई है। इससे पहले कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में भी टीएमसी ने आरोप लगाया था कि बिना पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के EVM बॉक्स खोले गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद मौके पर पहुंचकर कहा था कि उनकी पार्टी ईवीएम में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होने देगी। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और केवल डाक मतपत्रों की नियमित प्रक्रिया के तहत छंटनी की जा रही थी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मतगणना आज सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जिसमें पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी और उसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाएगी, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।




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