बंगाल में काउंटिंग से पहले सड़क पर मिलीं VVPAT पर्चियां, EC बोला- मॉक पोल वाली हैं
पश्चिम बंगाल के नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को ईवीएम मशीनों के साथ इस्तेमाल हुई वीवीपैट पर्चियां सड़क के किनारे बिखरी हुई मिली हैं। इस गंभीर घटना ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पश्चिम बंगाल के नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को ईवीएम मशीनों के साथ इस्तेमाल हुई वीवीपैट पर्चियां सड़क के किनारे बिखरी हुई मिली हैं। इस गंभीर घटना ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का पता चलते ही भाजपा, तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई(M) के उम्मीदवार मौके पर पहुंचे और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए तत्काल जांच की मांग की। तीनों उम्मीदवारों ने वीवीपैट स्लिप्स के लीक होने को चुनाव की निष्पक्षता पर हमला बताते हुए इसे बेहद गंभीर मामला करार दिया। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि ये पर्चियां मॉक पोल वाली हैं।
जानकारी के अनुसार, बंगाल में मतगणना से ठीक एक दिन पहले नोआपाड़ा विधानसभा के बूथ नंबर 29 की वीवीपैट पर्चियां मध्यग्राम विधानसभा क्षेत्र के इचापुर नीलगंज पंचायत अंतर्गत सुभाषनगर इलाके में फेंकी हुई अवस्था में मिलीं। सीपीआई(M) उम्मीदवार गार्गी चटर्जी मौके पर पहुंचीं, जहां पुलिस की टीम भी मौजूद रही। इस सीट पर टीएमसी के त्रिनांकुर भट्टाचार्जी और भाजपा के अर्जुन सिंह भी चुनाव लड़ रहे हैं।
विपक्षी दलों के उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि यह घटना मतदान की गोपनीयता और चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी पर सीधा हमला है। चुनाव आयोग से अब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने साफ कर दिया कि सड़क किनारे जो भी पर्चियां मिली है, वह मॉक पोल वाली है।
इससे पहले भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने इस घटना पर विपक्षियों पर निशाना साध था। उन्होंने कहा कि अब ये लोग ( विपक्ष ) कौन से नए तरीके अपनाएंगे? कौन सी नई योजनाएं बनाएंगे? आज नोआपारा विधानसभा क्षेत्र से वीवीपीएटी पर्ची बीच गांव में मिली है। आप ही बताइये कि ये किस तरह की धांधली है? इस दौरान उन्होंने विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए।




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