बंगाल में वोटर लिस्ट पर सुनवाई के लिए तैनात होंगे 200 जज, हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को सौंपी लिस्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने एसआईआर में गड़बड़ियों या फिर समीक्षा की निगरानी के लिए 200 न्यायिक अधिकारियों के नाम चुनाव आयोग को सौंप दिए हैं। एक अधिकारी को एक विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन 200 जजों (सेवारत या रिटायर्ड) के नाम चुनाव आयोग को सौंप दिए हैं जो कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद से संबंधित कार्यों की निगरानी करेंगे और इससे जुड़े माममलों को अन्य अदालतों में ट्रांसफर करने की व्यवस्था करेंगे। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग न्यायिक अधिकारियों के लिए एक पोर्टल तैयार कर रहा है। यह माइक्रो ऑब्जर्वर वाले पोर्टल से अलग होगा।
अधिकारी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट कीतरफ से नियुक्त न्यायिक अधिकारियों के लिए एक पोर्टल डिजाइन किया जा रहा है। कलकत्ता हाई कोर्ट से नामों की सूची मिलने के बाद उनका यूजर आईडी बना दिया जाएगा। मंगलवार को ही उन्हें इस पोर्टल की ट्रेनिंग दी जाएगी। रविवार को 125 अधिकारियों को इस प्रक्रिया की ब्रीफिंग दी गई थी।
हर विधानसभा सीट पर होगा एक जज
एसआईआर में कमियों. अनैप केस और समीक्षा के लिए हर विधानसभा सीट पर एक अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में ऐसे करीब 45 लाख मामले सामने आए हैं जिनका निपटारा किया जाएगा। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को कहाकि न्यायिक अधिकारियों की एकदम सही संख्या अभी पता नहीं है।
बता दें कि हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा था कि मुख्य न्यायाधीश ने शनिवार को न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती, न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी, रजिस्ट्रार जनरल नबनीता रे, रजिस्ट्रार (न्यायिक सेवा) राजू मुखर्जी और मुख्य न्यायाधीश के संयुक्त रजिस्ट्रार-सह-सचिव अजय कुमार दास की एक समिति का गठन किया है, ताकि ''अंतरिम राहत या अत्यावश्यक प्रकृति के मामलों को वैकल्पिक अदालतों में स्थानांतरित करने की अंतरिम व्यवस्था पर गौर किया जा सके।''
मुख्य न्यायाधीश ने पश्चिम बंगाल की विभिन्न अदालतों में तैनात सभी न्यायिक अधिकारियों की छुट्टियां नौ मार्च तक रद्द करने का आदेश दिया है, ताकि राज्य में एसआईआर को पूरा करने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के सुचारू अनुपालन के लिए प्रत्येक जिले में जिला न्यायाधीश, जिला मजिस्ट्रेट और एसपी को मिलाकर एक समिति का गठन भी किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में, मुख्य न्यायाधीश पॉल ने शनिवार को उच्च न्यायालय परिसर में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, महाधिवक्ता, केंद्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और रजिस्ट्रार जनरल उपस्थित थे।
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