Bengal people being atrocised in other states says CM Mamata Banerjee बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं, ममता बनर्जी ने एसआईआर पर फिर उठाए सवाल; क्या कहा, India News in Hindi - Hindustan
More

बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं, ममता बनर्जी ने एसआईआर पर फिर उठाए सवाल; क्या कहा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अन्य राज्यों में बंगालियों के साथ भेदभाव पर सवाल उठाया है। ममता बनर्जी ने कहाकि पश्चिम बंगाल में अन्य प्रदेशों से एक करोड़ लोग आए हैं। यहां पर इन लोगों से भाइयों जैसा व्यवहार किया जाता है।

Sat, 21 Feb 2026 10:08 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
share
बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं, ममता बनर्जी ने एसआईआर पर फिर उठाए सवाल; क्या कहा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अन्य राज्यों में बंगालियों के साथ भेदभाव पर सवाल उठाया है। ममता बनर्जी ने कहाकि पश्चिम बंगाल में अन्य प्रदेशों से एक करोड़ लोग आए हैं। यहां पर इन लोगों से भाइयों जैसा व्यवहार किया जाता है। लेकिन बंगाल के लोगों के साथ अन्य राज्यों में बिल्कुल उलटा होता है। उन्होंने आगे कहाकि आज भारत में तानाशाही जैसा माहौल हो गया है। इस दौरान उन्होंने एसआईआर समेत बंगाल के अपमान की भी मुद्दा उठाया। ममता बनर्जी ने शनिवार को ‘अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी भाषाएं समान रूप से सम्मान की पात्र हैं और उन्हें किसी भी प्रकार के ‘प्रहार’ से बचाया जाना चाहिए।

क्या बंगाली में बात करना अपराध?
ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि क्या बंगाली में बात करना अपराध है? मैं कहती हूं कि हमें एक होने की जरूरत है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहाकि मैं अपनी जान दे दूंगी, लेकिन किसी के सामने झुकूंगी नहीं। मैं बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं करने वाली। उन्होंने कहाकि आखिर आपको बंगाल के लोगों को वोटर लिस्ट से बाहर फेंक देने की जल्दी क्या है? भाषा आंदोलनों के दौरान शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार भाषाई विविधता का सम्मान करती है तथा उसने कई भाषाओं को आधिकारिक मान्यता दी है।

सभी को मातृभाषा में शिक्षा का अधिकार
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहाकि बांग्ला न केवल एक समृद्ध साहित्यिक विरासत वाली भाषा है, बल्कि यह सभी भाषाई समुदायों के प्रति सम्मान की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा भी है। उन्होंने कहाकि हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य में हर व्यक्ति को, चाहे वह कोई भी भाषा बोलता हो, उसे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले। बनर्जी ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने विभिन्न भाषाई समूहों के लिए भाषा अकादमियां स्थापित की हैं। उन्होंने कहाकि इस पावन दिन पर हम अपना संकल्प दोहराते हैं कि यदि किसी भी भाषा पर प्रहार होता है तो हम सब उसके खिलाफ एकजुट होकर खड़े होंगे। सभी भाषाएं समान सम्मान की पात्र हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भारत-ब्राजील रिश्ते को नई मजबूती, 5 साल में 20 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
ये भी पढ़ें:रात भर चले हंगामे के बाद पुलिस ने विधायक को घसीटकर बाहर निकाला, एक्शन पर सवाल
ये भी पढ़ें:CJI ने युवा वकीलों से कानून को अधिक सुलभ बनाने का किया आह्वान, क्या कहा

बता दें कि ममता पहले भी बांग्ला भाषी लोगों के साथ अन्य राज्यों में भेदभाव की बात उठाती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अन्य प्रदेशों, खासतौर पर भाजपा शासित राज्यों में बंगाल के रहने वालों पर अत्याचार होता है। इसके अलावा, उन्होंने एसआईआर के दौरान भी बंगाल के साथ अन्याय की बात कही है।

इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।