Up ka mausam tapman kitna hai IMD April to June weather alert heatwave in bihar garmi सावधान! बिहार और UP समेत 8 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट; 40 डिग्री पार जाएगा तापमान, Weather Hindi News - Hindustan
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सावधान! बिहार और UP समेत 8 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट; 40 डिग्री पार जाएगा तापमान

पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल से जून के बीच कई स्थानों पर हीट वेव की स्थिति बन सकती है। खासकर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उनसे लगे छत्तीसगढ़ तथा तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में इसका ज्यादा असर रहने की संभावना है। जानते हैं IMD ने क्या कहा।

Tue, 21 April 2026 11:12 AMNisarg Dixit भाषा
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सावधान! बिहार और UP समेत 8 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट; 40 डिग्री पार जाएगा तापमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि इस साल सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी हिस्से, पूर्वी तटीय राज्यों, पश्चिमी राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र तथा उनसे लगे क्षेत्रों में सामान्य से अधिक दिनों तक हीट वेव चलने की आशंका है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने से कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मौसम की दृष्टि से हर साल अत्यधिक गर्मी पड़ने की आशंका बनी रहती है। इन इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है, ऐसा उन क्षेत्रों में भी हो सकता है जहां शायद हीट वेव नहीं चलती है।

लोगों से अलर्ट रहने की अपील

उन्होंने 'पीटीआई वीडियो' कहा, 'कुछ इलाके मौसम की दृष्टि से संवेदनशील हैं। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में साल के इस समय सामान्य तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। इसी तरह उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मई आने तक सामान्य तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।' महापात्रा ने कहा, 'इसलिए हमें अधिक तापमान वाले ऐसे दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए।'

मॉनसून से पहले बढ़ सकता है तापमान

महापात्रा के अनुसार, हर साल खासकर अप्रैल और मई तथा मॉनसून से पहले जून में तापमान अधिक रहने की संभावना रहती है लेकिन साल-दर-साल इसमें कुछ अंतर हो सकता है। उन्होंने कहा कि तापमान में सालाना और रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए IMD एक सीजन पहले ही हीट वेव का पूर्वानुमान जारी करता है। इसके बाद हर गुरुवार अगले चार सप्ताह के लिए विस्तारित अवधि का पूर्वानुमान भी जारी किया जाता है।

उन्होंने कहा कि गर्मी के महीनों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी भी जारी की जाती है। IMD ने फरवरी के अंत तक मार्च, अप्रैल और मई के लिए हीट वेव और गर्मियों के तापमान का पहला पूर्वानुमान जारी किया था। बाद में मार्च के आखिरी दिन अप्रैल, मई और जून के लिए इसे अपडेट किया गया।

इन इलाकों में हीटवेव का अलर्ट

पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल से जून के बीच कई स्थानों पर हीट वेव की स्थिति बन सकती है। खासकर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उनसे लगे छत्तीसगढ़ तथा तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में इसका ज्यादा असर रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने कहा कि हीट वेव की स्थिति सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी हिस्से में भी बन सकती है। इनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्से, गुजरात के कुछ इलाके और उत्तरी महाराष्ट्र के कुछ भाग शामिल हैं।

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WhatsApp ग्रुप्स से जानकारियां दे रहा है मौसम विभाग

जिन लोगों के मौसम की चरम परिस्थितियों से सर्वाधिक प्रभावित होने का खतरा है, उनकी मदद के लिए IMD की ओर से उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछे जाने पर महापात्रा ने कहा कि विभाग ने रेहड़ी-पटरी वालों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों समेत खुले में रहने वाले लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए 'व्हाट्सएप' समूह बनाए हैं। इसके अलावा सूचना पट भी लगाए गए हैं, जिन पर गर्मी की स्थिति और उससे बचाव के लिए किए जा सकने वाले उपायों की जानकारी दी जाती है।

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उन्होंने कहा, 'हमारा उद्देश्य हर व्यक्ति तक पहुंचना और मौसम संबंधी IMD के पूर्वानुमान की जानकारी उपलब्ध कराना है। हम सरकार के माध्यमों से भी जानकारी देते हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का साझा चेतावनी प्रोटोकॉल (कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल) भी शामिल है, जिससे मोबाइल फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।'

महापात्रा ने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं होते या उन्हें IMD की चेतावनी तुरंत नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि गर्मी से प्रभावित हो सकने वाले ऐसे लोगों तक नई या पारंपरिक विधियों से पहुंचने की अब भी गुंजाइश है।

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उन्होंने सोमवार को 'ग्लोबल हीट एंड कूलिंग फोरम' में अपने संबोधन का एक उदाहरण देते हुए कहा, 'पिछले साल दिल्ली में रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी वालों और घरेलू कामगारों के संगठनों ने हमसे संपर्क किया था और जानकारी दिए जाने का अनुरोध किया था। हमने उनके संगठन के सचिवों को 'व्हाट्सएप' के जरिए सूचना दी, जिन्होंने फिर अपने सदस्यों तक यह जानकारी पहुंचाई। सूचना पट भी लगाए गए, जिन पर गर्मी की स्थिति और इससे बचने के लिए उठाए जा सकने वाले कदम बताए गए थे।'

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