monsoon kab aega barish kab hogi what is super al nino imd rain alert western disturbance आने वाला है मॉनसून, कब से होगी राहत की बारिश; सुपर अल नीनो का भारत पर कितना असर, Weather Hindi News - Hindustan
More

आने वाला है मॉनसून, कब से होगी राहत की बारिश; सुपर अल नीनो का भारत पर कितना असर

IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।

Wed, 27 May 2026 05:22 AMNisarg Dixit हिन्दुस्तान टीम
share
आने वाला है मॉनसून, कब से होगी राहत की बारिश; सुपर अल नीनो का भारत पर कितना असर

देश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक सूरज की तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया है। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी भागों में अगले तीन से चार दिनों तक भीषण लू का प्रकोप जारी रहेगा, जबकि हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर भी अगले दो दिनों तक गर्मी का असर तेज रहेगा।

हालांकि, 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इससे मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर शुरू होगा, जिससे 29 मई से तापमान में बड़ी गिरावट आएगी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के कई हिस्सों में पारा 43 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच झुलसा रहा है।

हिमाचल के पहाड़ों पर लू का येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित कई पर्वतीय इलाकों में गर्मी का असर तेज हो गया है। आईएमडी के मुताबिक, 27 मई को प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। इससे तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ इलाकों में लू को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में ऊना 41.6 डिग्री सेल्सियस के साथ हिमाचल का सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि लाहौल-स्पीति के केलांग में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

28 मई से मौसम लेगा करवट

आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। 28 और 29 मई को इन राज्यों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने, बारिश और छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भट्ठी की तरह तप रहा राजस्थान; श्रीगंगानगर 47 डिग्री तापमान, कब होगी बारिश?

दिल्ली में बदलने वाला है मौसम

राजधानी में गुरुवार को मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए लू की चेतावनी जारी की है। दिल्ली में लू के बाद बारिश की संभावना है और इसे बाद तापमान में गिरावट के संकेत हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 28 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर दिल्ली क्षेत्र पर भी पड़ेगा। अगले 24 घंटों में लू चलने की प्रबल संभावना बनी रहेगी, हालांकि 28 से 30 मई के बीच हल्की बारिश और गरज के साथ तूफान के कारण मौसम में राहत मिल सकती है। अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, इसके बाद इसमें 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। न्यूनतम तापमान भी स्थिर रहने के बाद 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है।

क्या होता है अल नीनो

प्रशांत महासागर में हवाएं पूर्व से पश्चिम चलती हैं और गर्म पानी को भारत-इंडोनेशिया की तरफ धकेलती हैं। जब ये हवाएं कमजोर हो जाती हैं, तो समुद्र का पानी उलटी दिशा में अमेरिका और पेरू के तटों की तरफ रुक जाता है। जब मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री बढ़ता है, तो उसे अल नीनो कहते हैं। लेकिन जब यह 2 डिग्री या उससे ज्यादा बढ़ जाता है, तो उसे सुपर अल नीनो कहा जाता है। यह मॉनसून, समुद्री धाराओं, तापमान, गर्मी, चक्रवात के साथ ही खाद्य कीमतों पर व्यापक असर डालता है। भारत में इसका असर रहता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आज केरल पहुंचने वाला था मॉनसून, क्या है ताजा स्थिति; 8 राज्य में होगी जमकर बारिश

मॉनसून और सूखा

सुपर अल नीनो के कारण भारत में मॉनसून की बारिश सामान्य से काफी कम हो सकती है। देश के कई हिस्सों विशेषकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। भारत में जून से सितंबर के बीच औसतन 870 एमएम बारिश होती है। लेकिन आईएमडी के अनुसार, 2026 में अल नीनो के कारण यह घट सकती है।

सुपर अल नीनो पूरी दुनिया के मौसम को दो हिस्सों में बांट देता है। कहीं भारी सूखा तो कहीं विनाशकारी बाढ़ आती है। इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में भयानक सूखा पड़ता है। पानी की कमी के कारण ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील के अमेजन जंगलों में भीषण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आज का मौसम: IMD ने दी राहत भरी खबर, भीषण गर्मी के बीच बुधवार को यहां होगी बारिश

जहां एक तरफ सूखा होता है। वहीं पेरू, इक्वाडोर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश और विनाशकारी बाढ़ आती है। वहीं, दुनिया भर में खेती प्रभावित होने से कॉफी, कोको, सोयाबीन और ताड़ के तेल जैसी वैश्विक चीजों के दाम बढ़ जाते हैं। इससे मंदी और महंगाई का खतरा बढ़ जाता है।

कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम, जानें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।