बारिश के लिए हो जाएं तैयार, 6 राज्यों में गिरेगा तापमान; आ रहा है बड़ा पश्चिमी विक्षोभ
IMD यानी भारत मौसम विज्ञान की सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से कहा जा रहा है कि पश्चिमी विक्षोभ तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में संभावनाएं जताई जा रही हैं कि बारिश हो सकती है और तापमान सामान्य होने के आसार हैं।

गर्मी की मार दिन के साथ रात में भी जारी है। भारत के उत्तर और पूर्वी राज्यों की हालत गर्मी के चलते बेहद खराब होती जा रही है। नौबत यहां तक आ गई कि राजधानी दिल्ली में मई की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम की ताजा गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि तापमान जल्द ही गिरने वाला है और राहत की बौछारें पड़ने वाली हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि मौसम की गतिविधियां तेज हो गईं हैं और कहा जा रहा है कि बड़ा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स में IMD यानी भारत मौसम विज्ञान की सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से कहा जा रहा है कि पश्चिमी विक्षोभ तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में संभावनाएं जताई जा रही हैं कि बारिश हो सकती है और तापमान सामान्य होने के आसार हैं।
बदली बादलों की चाल
खबरें हैं कि INSAT-3DS से 21 मई को ली गई थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों से पता चलता है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उससे सटे उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर बादलों का एक बहुत बड़ा झुंड और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। तस्वीर में घने सफेद बादलों की पट्टियों के रूप में साफ दिख रहा यह सिस्टम अब पूर्व की ओर हिमालयी क्षेत्र और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ के संकेत
सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी संकेत मिले हैं कि अरब सागर से बहुत ज्यादा नमी आ रही है। साथ ही उत्तर पूर्व भारत और बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी लगातार बादल बन रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिम से आ रहा यह तूफानी सिस्टम जब इस नमी से टकराएगा, तो देश के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इसके चलते तेज आंधी तूफान आने, बिजली कड़कने और कई जगहों पर छिटपुट बारिश होने की पूरी संभावना है।
प्री मॉनसून गतिविधियां
खास बात है कि बादलों का झुंड पूर्वोत्तर पर सक्रिय हो रहा है। अब इससे संकेत मिल रहे हैं कि देश के इस हिस्से में प्री मॉनसून गतिविधियों का दौर पहले ही शुरू हो चुका है। वहीं, समुद्र के ऊपर अब ऐसी हलचल शुरू हो गई है जो मॉनसून को लेकर आती है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बादल गोलबंद होने लगे हैं, जिसका सीधा मतलब यह है कि देश में मॉनसून के आने की परिस्थितियां अब धीरे-धीरे तैयार हो रही हैं।
कहां हो सकती है बारिश
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में मौसम वैज्ञानिकों के हवाले से बताया गया कि इस पश्चिमी विक्षोभ की वजह से अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश कितनी तेज होगी, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने और ओले गिरने की भी आशंका है।
दिल्ली जमकर तपा
दिल्ली में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को लगभग 14 वर्षों में मई की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज किया गया तथा शहर के कुछ हिस्सों में लगातार चौथे दिन भी लू की स्थिति बनी रही।
IMD के अनुसार, शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक और पिछले दिन की तुलना में 3.6 डिग्री अधिक 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। आईएमडी ने बताया कि इससे अधिक न्यूनतम तापमान आखिरी बार 26 मई, 2012 को था, जब न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था।
कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम, जानें
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