Kedarnath Yatra Faces Early Weather Challenge How 10450 pilgrims rescue amid heavy rain and landslide केदारनाथ मार्ग पर बारिश से पहले ही बढ़ने लगी मुश्किलें, कैसे बची 10450 यात्रियों की जान, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
More

केदारनाथ मार्ग पर बारिश से पहले ही बढ़ने लगी मुश्किलें, कैसे बची 10450 यात्रियों की जान

Kedarnath Yatra: केदारनाथ यात्रा पर बारिश से पहले ही मुश्किल बढ़ने लगी है। बारिश और लगातार गिरते मलबे के बीच एसडीआरएफ की टीम ने 10 हजार से अधिक यात्रियों की जान बचाई। रेस्क्यू 3 घंटे चला।

Thu, 21 May 2026 07:29 AMGaurav Kala बद्री नौटियाल, रुद्रप्रयाग, हिन्दुस्तान
share
केदारनाथ मार्ग पर बारिश से पहले ही बढ़ने लगी मुश्किलें, कैसे बची 10450 यात्रियों की जान

रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मानसून की दस्तक से पहले ही मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। मंगलवार रात हुई तेज बारिश के बाद सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में अचानक भारी भूस्खलन हो गया था। पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे दोनों ओर करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला नियंत्रण कक्ष रुद्रप्रयाग ने रात 9:16 बजे एसडीआरएफ को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में एसडीआरएफ सोनप्रयाग की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। थोड़ी ही देर में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:केदारनाथ के रास्ते पर बरसी मौत, 10000 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान बचाई गई

30 जवानों ने 3 घंटे चलाया अभियान

रात का अंधेरा, लगातार हो रही बारिश, पहाड़ी से गिरता मलबा और हजारों यात्रियों की भीड़—इन सबके बीच रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था। बावजूद इसके जवानों ने सूझबूझ और धैर्य के साथ हालात संभाले। करीब 25 से 30 जवानों ने मोर्चा संभालते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:चारधाम यात्रा का प्लान? वाट्सएप पर एक मैसेज से पास, मौसम और ट्रैफिक की डिटेल

10450 श्रद्धालुओं की जान बचाई

एसडीआरएफ के अनुसार, टीमों ने लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया। बारिश और अंधेरे के बीच यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया, जबकि जवान लगातार लोगों का हौसला बढ़ाते रहे।

इसी दौरान जेसीबी मशीनों को मौके पर बुलाकर सड़क पर जमा मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कराया गया। बारिश थमने के बाद रेस्क्यू अभियान को और तेज किया गया और कई घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग को दोबारा सुचारु कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।

सोनप्रयाग-मुनकटिया क्षेत्र बना संवेदनशील

सोनप्रयाग से मुनकटिया के बीच कई स्थान अत्यधिक संवेदनशील माने जाते हैं। खड़ी चट्टानों और पहाड़ियों के कारण यहां लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। पूर्व वर्षों में भी इस क्षेत्र में कई हादसे हो चुके हैं। प्रशासन यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गर्म हवाओं ने उत्तराखंड को झुलसाया, हीट वेव अलर्ट के बीच IMD ने दी गुड न्यूज

30 मिनट की बारिश ने रोका यात्रियों का रास्ता

मई माह में भी केदार घाटी में लगातार हो रही तेज बारिश यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। बीती रात करीब 30 मिनट तक हुई तेज बारिश के कारण यात्रा मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई स्थानों पर यात्रियों को रुकना पड़ा, जबकि सुरक्षा बल लगातार लोगों को सतर्कता बरतने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील करते रहे।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।