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जून-जुलाई में बहुत तड़पाने वाली है हीटवेव, 10 साल बाद IMD ने की है ऐसी भविष्यवाणी

मौसम विभाग न 2015 के बाद पहली बार दीर्घकालिक औसत से कम बारिश की भविष्यवाणी की है। वहीं जून और जुलाई के महीने में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है। कम बारिश की वजह से महंगई की मार भी डबल हो सकती है।

Sat, 30 May 2026 12:19 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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जून-जुलाई में बहुत तड़पाने वाली है हीटवेव, 10 साल बाद IMD ने की है ऐसी भविष्यवाणी

मई के आखिरी में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से होने वाली बारिश ने भले ही मौसम कूल कर दिया है लेकिन यह राहत ज्यादा दिन ठहरने वाली नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक मई खत्म होने के साथ ही राहत के दिन भी खत्म हो जाएंगे और जून-जुलाई में भयंकर हीटवेव का कहर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार सामान्य से 10 फीसदी तक कम बारिश होने का अनुमान है। वहीं जून और जुलाई में तापमान सामान्य से ज्यादा ही बना रहेगा। जुलाई में भी हीटवेव का असर देखने को मिल सकता है।

IMD के डीजी मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा कि इस बार कोर जोन में भी बारिश सामान्य से कम होने की उम्मीद है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में बारिश एलपीए के 90 फीसदी से कम रहने का अनुमान है। जून से सितंबर के दौरान मॉनसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत की 90 फीसदी से कम ही रहेगी।

10 साल बाद मौसम विभाग की ऐसी भविष्यवाणी

9 साल बाद मौसम विभाग ने इस तरह की भविष्यवाणी की है जब औसत से इतनी कम बारिश की संभावना जताई ई है। इससे पहले 2015 में अल-नीनो की वजह से एलपीए की 88 फीसदी बारिश की संभावना जताई थी। उस साल बारिश इससे भी दो फीसदी कम हुई थी। वहीं इस बार औसत की 90 फीसदी ही बारिश की बात कही गई है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि बारिश इससे भी कम हो सकती है। बारिश में कमी के चलते हीटवेव जैसी स्थितियां बनेंगी जो कि किसानो के लिए भी नुकसानदेह साबित होंगी।

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केरल पहुंचने में भी देरी कर रहा मॉनसून

इस साल पहले भविष्यवाणी की गई थी कि 26 मई तक ही मॉनसून केरल पहुंच जाएगा। हालांकि अब 1 जून (तय) समय पर भी मॉनसून केरल पहुंचने की स्थिति में नहीं है। संभावना है कि 3 जून तक मॉनसून केरल पहुंच सकता है। वहीं जून के आखिरी तक मॉनसून देश को कवर कर पाएगा।

जानकारों का कहना है कि ईरान युद्ध की वजह से उर्वरक और पेट्रोल डीजल की बढ़ी हुई कीमतें कम बारिश की वजह से और परेशान करेंगी। खेती में लागत भी बढ़ जाएगी और धान की फसल भी कम बारिश की वजह से खराब हो सकती है। ऐसे में आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने की आशंका है। फिलहाल लोगों को पश्चिमी विक्षोभ की वजह से होने वाली बारिश से अल्पकालिक राहत मिली है। मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक बिहार, यूपी, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में बारिश की उम्मीद जताई है। इसके बाद जून के महीने में लोगों को बारिश के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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