
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की I-MESA सोशल ऑडिट योजना का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। इसके तहत रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत का मिलान कर शिकायतों के समाधान और सुधार की प्रक्रिया को मजबूत किया जाता है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की SMILE योजना के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सालाना ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है। इसमें सामान्य उपचार, जेंडर रीअफर्मेशन सर्जरी, हार्मोन थेरेपी और अन्य संबंधित चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं। योजना का लाभ कैशलेस है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की SEED शैक्षिक सशक्तिकरण योजना के तहत विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जाती है। पात्र छात्रों को कोचिंग शुल्क, ₹1,500 से ₹3,000 मासिक स्टाइपेंड तथा दिव्यांग छात्रों को ₹2,000 अतिरिक्त भत्ता मिलता है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना का उद्देश्य छुआछूत खत्म करना और SC-ST समुदाय के खिलाफ अत्याचार रोकना है। इसके तहत पीड़ितों को राहत व पुनर्वास सहायता, विशेष अदालतों की व्यवस्था और अंतर-जातीय विवाह करने वाले पात्र जोड़ों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है।

केंद्रीय सैनिक बोर्ड की RMEWF योजना के तहत पूर्व सैनिकों के अनाथ बच्चों को ₹3,000 प्रतिमाह वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। 21 वर्ष से कम आयु के पात्र बेटे और अविवाहित बेटियां इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

आईसीएसएसआर की प्रकाशन अनुदान योजना के तहत सोशल साइंस की डॉक्टरेट थीसिस, रिसर्च रिपोर्ट और सेमिनार पेपर को पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने के लिए अधिकतम ₹2 लाख तक की सहायता दी जाती है। पात्र शोधार्थी वर्षभर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आईसीएसएसआर डॉक्टरेट फेलोशिप के तहत सोशल साइंस में फुल-टाइम पीएचडी कर रहे शोधार्थियों को ₹20,000 मासिक फेलोशिप और ₹20,000 वार्षिक कंटीन्जेंसी ग्रांट दिया जाता है। यूजीसी मान्यता प्राप्त संस्थान में पंजीकृत योग्य छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

विदेश मंत्रालय की टेली एजुकेशन छात्रवृत्ति योजना के तहत अफगान छात्रों को भारतीय विश्वविद्यालयों से ऑनलाइन यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में पढ़ाई का अवसर मिलता है। योजना के तहत फीस, परीक्षा शुल्क और ई-कंटेंट का पूरा खर्च सरकार वहन करती है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत क्षेत्रीय वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला और वीर्य बैंक स्थापना योजना भेड़-बकरियों की नस्ल सुधार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है। पात्र राज्य पशुधन एजेंसियों को निर्माण हेतु ₹4 करोड़ और उपकरणों व दवाइयों के लिए ₹30 लाख तक सहायता मिलती है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की वित्तीय सहायता योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को फीस में छूट या रिफंड दिया जाता है। ₹4 लाख तक वार्षिक आय वाले छात्रों को 100% तक और ₹4 से ₹8 लाख आय वाले छात्रों को 50% तक फीस राहत मिल सकती है। यह सुविधा नियमित यूजी और पीजी छात्रों के लिए उपलब्ध है।

एआईसीटीई की विशिष्ट व्यावसायिक योजना के तहत अनुभवी प्रोफेशनल्स, शोधकर्ता और वरिष्ठ अधिकारी कॉलेजों में छात्रों व फैकल्टी का मार्गदर्शन कर सकते हैं। चयनित विशेषज्ञों को ₹15,000 प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जबकि यात्रा और आवास का खर्च संस्थान वहन करता है।

सहकार मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत एग्रीकल्चर, डेयरी, फिशरीज, आईटी और बिजनेस से जुड़े छात्रों को सहकारी क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है। चयनित इंटर्न्स को 4 महीने तक ₹10,000 मासिक स्टाइपेंड तथा रिपोर्ट और डेटा विश्लेषण के लिए अतिरिक्त सहायता मिलती है।

सितारे-गांधी युवा तकनीकी नवाचार योजना के तहत बायोटेक और लाइफ साइंसेज के छात्रों को अपने नवाचारी प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। चयनित 15 छात्रों को 18 महीनों के लिए ₹15 लाख तक का अनुदान मिलता है, जबकि अन्य उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को ₹1 लाख का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

जे सी बोस फेलोशिप योजना के तहत उत्कृष्ट वैज्ञानिकों को नियमित वेतन के अतिरिक्त ₹25,000 मासिक फेलोशिप दी जाती है। साथ ही शोध कार्यों के लिए ₹15 लाख वार्षिक रिसर्च ग्रांट और संस्थान को ओवरहेड सहायता भी प्रदान की जाती है। यह फेलोशिप उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देती है।

कॉफी बोर्ड की इस योजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के आदिवासी किसानों को कॉफी की खेती शुरू करने के लिए प्रति हेक्टेयर ₹50,000 तक की सब्सिडी दी जाती है। इसका उद्देश्य झूम भूमि पर वनीकरण बढ़ाना और किसानों को स्थायी आजीविका प्रदान करना है।

वाइजर योजना के तहत विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र की महिला शोधकर्ताओं को भारत-जर्मनी सहयोग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय रिसर्च का अवसर मिलता है। चयनित प्रतिभागियों को प्रोजेक्ट ग्रांट, जर्मनी में रहने का भत्ता, यात्रा सहायता, वीजा और मेडिकल इंश्योरेंस जैसी वित्तीय सुविधाएं दी जाती हैं।

एसईआरबी अनुसंधान वैज्ञानिक योजना के तहत इंस्पायर फैकल्टी और रामानुजन फेलोशिप पूरी कर चुके वैज्ञानिकों को रिसर्च जारी रखने के लिए ₹1.20 लाख मासिक फेलोशिप, ₹7 लाख वार्षिक रिसर्च ग्रांट और अतिरिक्त संस्थागत सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना अधिकतम 3 वर्ष तक अनुसंधान कार्य को समर्थन देती है।

एसईआरबी सायर योजना के तहत विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र के योग्य वैज्ञानिकों को विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में 2 से 6 महीने तक अनुसंधान प्रशिक्षण का अवसर मिलता है। चयनित प्रतिभागियों को 3,000 अमेरिकी डॉलर मासिक फेलोशिप, हवाई यात्रा, बीमा और अन्य वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।

राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना के तहत ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारक युवाओं को उद्योगों में एक वर्ष की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड भी मिलता है और सफलतापूर्वक पूरा करने पर भारत सरकार द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के एम.फिल और पीएचडी शोधार्थियों को जेआरएफ के रूप में ₹31,000 और एसआरएफ के रूप में ₹35,000 प्रतिमाह फेलोशिप दी जाती है। साथ ही कंटिन्जेंसी ग्रांट, एचआरए और अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलता है।