शीतकालीन चारधाम यात्रा: कपाट बंद फिर भी कम नहीं उत्साह, इतने लोग कर चुके दर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शीतकालीन यात्रा का प्रमोशन करने के बाद से चारधाम यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पीएम ने बीते साल उत्तराखंड आकर शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने का संदेश दिया था।

चारधाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्रा को श्रद्धालुओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है। पिछले साल शुरू की गई शीतकालीन यात्रा में अबतक 34,140 श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। दरअसल चारधामों के कपाट सर्दियों में बंद हो जाते हैं। इसके बाद भगवान की पूजा उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शीतकालीन यात्रा का प्रमोशन करने के बाद से चारधाम यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पीएम ने बीते साल उत्तराखंड आकर शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने का संदेश दिया था। ऐसे में अब लगातार दो साल से शीतकालीन यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह दिख रहा है। शीतकालीन चारधाम यात्रा दिसंबर में शुरू हुई थी। सरकार और होटल एसोसिएशन ने भी श्रद्धालुओं को काफी छूट दी थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल उखीमठ पहुंचे थे।
शीतकालीन यात्रा के प्रवास स्थल
आपको बता दें कि बद्रीनाथ से जुड़े ज्योतिर्मठ, केदारनाथ के गद्दीस्थल ऊखीमठ, गंगोत्री का मुखवा और यमुनोत्री का खरसाली देवी-देवीताओं के शीतकालीन यात्रा के प्रवास स्थल हैं। 2024 में ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ 10 मई को हुआ था, जबकि बीते साल 30 अप्रैल से शुरू हुई थी।
सरकार का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि शीतकालीन यात्रा के जरिए देवभूमि का तीर्थाटन और पर्यटन और भी सशक्त किया जाए। इस पहल से रोजगार के नए अवसर तो पैदा होंगे जिससे कई लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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