Halala to Triple Talaq and Live in Relationships CM Pushkar Singh Dhami Highlights Changed in One Year of UCC हलाला से लेकर तीन तलाक और लिव-इन, सीएम धामी ने बताया- UCC के एक साल में क्या-क्या बदला, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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हलाला से लेकर तीन तलाक और लिव-इन, सीएम धामी ने बताया- UCC के एक साल में क्या-क्या बदला

यूसीसी लागू होने के एक साल पूरा होने पर सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि हलाला से लेकर तीन तलाक का कोई मामला सामने नहीं आया। यदि लिव-इन में बच्चा हो जाए तो वह युगल का जैविक संतान माना जाएगा।

Wed, 28 Jan 2026 04:05 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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हलाला से लेकर तीन तलाक और लिव-इन, सीएम धामी ने बताया- UCC के एक साल में क्या-क्या बदला

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हुए एक साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस कानून ने समाज के कई संवेदनशील पहलुओं में ठोस और व्यावहारिक बदलाव किए हैं। हलाला, तीन तलाक, बहुविवाह से लेकर लिव-इन रिलेशनशिप तक बीते एक साल में कानून के स्तर पर ही नहीं, सामाजिक व्यवहार में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है।

गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 जनवरी 2025 को लागू किया गया यूसीसी आज उत्तराखंड के इतिहास में सामाजिक न्याय और समानता का मजबूत स्तंभ बन चुका है।

लिव-इन में बच्चा हो जाए तो...

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।

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विवाह पंजीकरण 1400 प्रतिदिन तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुंच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है।

शत-प्रतिशत विवाह पंजीकरण

सीएम धामी ने कहा कि राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुंचा दिया है।

विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही राज्यपाल महोदय की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।

देश को जोड़ते मजबूत फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं।

यूसीसी की भ्रांतियां दूर हुईं

उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियां फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का 'मूल निवासी' नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।

बहु विवाह पर होगी सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।

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