'हम चीनी नहीं हैं... हम भारतीय हैं', कौन सा प्रमाण पत्र दिखाना चाहिए; हमले से पहले एंजेल चकमा के शब्द
उत्तराखंड के देहरादून में मारे गए त्रिपुरा के छात्र ने खुद पर हुए हमले से पहले हमलावरों से कहा था कि वह चीनी नहीं है। एंजेल चकमा नाम के छात्र पर कथित तौर पर 9 दिसंबर को कैंटीन में पांच से छह लोगों ने हमला कर दिया था। हमले के 17 दिन बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।

उत्तराखंड के देहरादून में मारे गए त्रिपुरा के छात्र ने खुद पर हुए हमले से पहले हमलावरों से कहा था कि वह चीनी नहीं है। एंजेल चकमा नाम के छात्र पर कथित तौर पर 9 दिसंबर को कैंटीन में पांच से छह लोगों ने हमला कर दिया था। हमले के 17 दिन बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि त्रिपुरा के 24 साल के छात्र की मौत हो गई। दो सप्ताह पहले देहरादून में एक कैंटीन में कथित नस्लीय भेदभाव को लेकर हुए झड़प में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। एंजेल चकमा नाम के इस छात्र पर कथित तौर पर 9 दिसंबर को कैंटीन में पांच से छह लोगों ने एक नुकीली वस्तु से हमला किया गया था।
पांच-छह लोगों ने हमला किया था
घटना के बारे में बताते हुए छात्र के एक मित्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि एंजेल ने हमलावरों की गालियों का जवाब देते हुए कथित तौर पर कहा, "हम चीनी नहीं हैं... हम भारतीय हैं। इसे साबित करने के लिए हमें कौन सा प्रमाण पत्र दिखाना चाहिए?" इसके बाद पांच-छह लोगों ने उस पर हमला कर दिया। एंजेल के छोटे भाई मिशेल ने भी पुलिस को इसी तरह का बयान दिया।
17 दिनों की इलाज के बाद मौत
एंजेल चकमा का एक निजी अस्पताल में 17 दिनों से इलाज चल रहा था और शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद पुलिस ने एफआईआर में हत्या का आरोप भी जोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य आरोपी नेपाल का रहने वाला है। संभवतः वह नेपाल भाग गया है।
9 दिसंबर को क्या हुआ था
पुलिस के अनुसार, 9 दिसंबर को एंजेल और उसका भाई माइकल चकमा एक शराब की दुकान के पास कैंटीन में शराब पी रहे थे। उस दौरान सूरज ख्वास (22), अविनाश नेगी (25) और सुमित (25) समेत एक और ग्रुप भी वहां मौजूद था। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि ग्रुप के लोग आपस में बातचीत कर रहे थे और किसी बात पर बहस कर रहे थे। एसएसपी ने पत्रकारों से कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे कोई एंजेल पर टिप्पणी कर रहा हो।
धारदार हथियार और कड़े से हमला किया गया
एसएसपी ने बताया कि अफरा-तफरी के बीच झगड़ा शुरू हो गया और एंजेल पर कथित तौर पर धारदार हथियार और कड़े से हमला किया गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित परिवार ने 10 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने 14 दिसंबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया। शुरुआत में एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। जांच के बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। इसके बाद चार-पांच नाम सामने आए।
पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया
एसएसपी ने बताया कि जिनके नाम सामने आए, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन- अविनाश नेगी, सूरज खवास और सुमित को जेल भेज दिया गया है। इनमें से दो नाबालिग थे, जिन्हें सुधारगृह भेजा गया है। उन्होंने एंजेल चकमा की इलाज के दौरान हुई मौत की पुष्टि भी की। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले अस्पताल में इलाज के दौरान एंजेल चकमा की मौत हो गई। मामले में हत्या का आरोप जोड़ा गया है।
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