एंजेल हत्याकांड: धामी बोले- किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, रहम की उम्मीद न रखें
पुलिस की एक टीम नेपाल में है और लगातार उसकी तलाशी की जा रही है। सीएम ने कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले सरकार से रहम की उम्मीद न रखें। ऐसे अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के एंजेल चकमा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम ऑफिस उत्तराखंड के एक्स हैंडल से मामले पर पूरा अपडेट दिया गया है। धामी ने कहा है कि इस तरह की कोई भी घटना प्रदेश में स्वीकार्य नहीं है। सरकार अराजक तत्वों से सख्ती से निपटेगी। इस तरह की घटनाओं में संलिप्त रहने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मामले में अबतक पांच आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है। एक फरार आरोपी की धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
पुलिस की एक टीम नेपाल में है और लगातार उसकी तलाशी की जा रही है। सीएम ने कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले सरकार से रहम की उम्मीद न रखें। ऐसे अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कैसे हुई हत्या?
9 दिसंबर की शाम को एंजेल छोटे भाई माइकल संग शॉपिंग के लिए निकला था मगर इसी दौरान कुछ युवक उनके पास पहुंचे और कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी करने लगे। जब दोनों भाइयों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उनपर चाकू और कड़े से हमला कर दिया। आरोपियों ने सबसे पहले कड़े से माइकल के सिर पर चोट पहुंचाई और इसके बाद जब एंजेल बीच-बचाव करने आया तो उसपर चाकू से पेट और सिर पर वार किए गए।

17 दिन बाद तोड़ा दम
एंजेल को गंभीर हालत में ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 17 दिन बाद एंजेल की मौत हो गई। एंजेल की उम्र 24 साल थी और वह एमबीए स्टूडेंट था। एंजेल देहरादून की ही एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा था।
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