त्रिपुरा के स्टूडेंट को चाकुओं से गोदा, 17 दिन बाद मौत; आरोपियों ने की थी नस्लीय टिप्पणियां
आरोप है कि हमलावरों ने एंजेल और उनके भाई माइकल चकमा पर हमला करने से पहले नस्लीय टिप्पणी भी की थी। हमले के दौरान माइकल को सिर पर चोट आईं तो वहीं एंजेल ने शुक्रवार सुबह दम तोड़ा।

राजधानी देहरादून में हिंसक वारदात के बाद त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए स्टूडेंट एंजेल चकमा ने इलाज के 17 दिन बाद दम तोड़ दिया। एंजेल पर पांच युवक ने कथित तौर पर हमला किया था। एंजेल देहरादून की ही एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से एमबीए स्टूडेंट थे। एंजेल पर 9 दिसंबर को चाकू से हमला हुआ था।
आरोप है कि हमलावरों ने एंजेल और उनके भाई माइकल चकमा पर हमला करने से पहले नस्लीय टिप्पणी भी की थी। हमले के दौरान माइकल को सिर पर चोट आईं तो वहीं एंजेल ने शुक्रवार सुबह दम तोड़ा। पुलिस ने हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत सेलाक्वी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद 14 दिसंबर को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। एंजेल की मौत के बाद अब आरोपियों के खिलाफ हत्या के तहत मामला चलेगा।
सीनियर सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी अविनाश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज ख्वास, सुमित और आयुष बडोनी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। दरअसल 9 दिसंबर की शाम को एंजेल छोटे भाई संग शॉपिंग के लिए निकला था मगर इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी करने लगे। माइकल ने इस मामले में 10 दिसंबर को लिखित बयान भी दर्ज करवाया है जिसमें ये भी जानकारी दी है कि आरोपी शराब के नशे में थे।
वारदात के वक्त जब दोनों भाइयों ने आरोपी युवकों का विरोध किया था तो उनपर चाकू और कड़े से हमला कर दिया था। आरोपियों ने सबसे पहले कड़े से माइकल के सिर पर चोट पहुंचाई और इसके बाद जब एंजेल बीच-बचाव करने आया तो उसपर चाकू से पेट और सिर पर वार किए गए। इसके बाद एंजेल को गंभीर हालत में ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। शिकायत में ये भी सामने आया है कि आरोपी यही नहीं रुके उन्होंने इसके बाद दोनों भाइयों को ये भी धमकी दी की वे पुलिस में शिकायत दर्ज करेंगे तो जान से मार दिया जाएगा।
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